राज्यसभा में फिर गरजेंगे खड़गे, : इंडिया गठबंधन ने चुना अपना नेता, संसद के मानसून सत्र से पहले विपक्ष को मिली नई धार

नई दिल्ली। संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन श्इंडियाश् को बड़ी मजबूती मिली है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को एक बार फिर राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में औपचारिक मान्यता दे दी गई है। राज्यसभा सचिवालय द्वारा सोमवार को जारी संसदीय बुलेटिन के अनुसार, 26 जून 2026 से उन्हें विपक्ष के नेता के रूप में पुनः मान्यता प्रदान की गई है।
दरअसल, 25 जून 2026 को राज्यसभा सदस्य के रूप में खड़गे का कार्यकाल समाप्त हो गया था। इसके चलते वे तकनीकी रूप से 26 जून से नेता प्रतिपक्ष के पद पर नहीं रहे। हालांकि, कर्नाटक से पुनर्निर्वाचित होने के बाद उन्होंने सोमवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की और इसके साथ ही सभापति ने उन्हें दोबारा नेता प्रतिपक्ष के पद पर मान्यता प्रदान कर दी।
सदन में मजबूती से उठाएंगे जनता की आवाजः खड़गे
राज्यसभा सचिवालय के अनुसार, यह मान्यता विपक्ष के नेताओं के वेतन और भत्ते अधिनियम, 1977 की धारा-2 के तहत सभी वैधानिक उद्देश्यों के लिए प्रभावी होगी। शपथ ग्रहण के बाद खड़गे ने इसे अपने लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी बताया और कहा कि वे सदन में जनता की आवाज को पूरी मजबूती और निष्ठा के साथ उठाते रहेंगे।
इंडिया गठबंधन के नेताओं का जताया आभार
उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स और विशेष रूप से विपक्षी इंडिया गठबंधन के नेताओं का आभार व्यक्त किया। खड़गे ने भरोसा जताया कि आगामी मानसून सत्र में विपक्ष पहले से अधिक समन्वित और प्रभावी भूमिका निभाएगा तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को मजबूती से घेरेगा।
विपक्ष की रणनीति के लिहाज से अहम खड़गे की वापसी
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले खड़गे की नेता प्रतिपक्ष के रूप में वापसी विपक्ष की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अनुभवी संसदीय नेता के तौर पर उनकी भूमिका सदन में विपक्ष की एकजुटता बनाए रखने और सरकार को विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर जवाबदेह बनाने में अहम रहेगी।
प्रफुल्ल तिवारी
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