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विजन डॉक्यूमेंट ऑन नारकोटिक्स कंट्रोल का शुभारंभ, : नशे के खिलाफ निर्णायक दौर में भारत, शाह बोले- अगले तीन साल अहम

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 26, 2026
09:22 AM
नशे के खिलाफ निर्णायक दौर में भारत, शाह बोले- अगले तीन साल अहम

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग और अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में नारकोटिक्स कंट्रोल (एनसीओआरडी) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने देश को नशामुक्त बनाने की दिशा में तैयार किए गए विजन डॉक्यूमेंट ऑन नारकोटिक्स कंट्रोल का शुभारंभ किया और कहा कि भारत आज नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई के सबसे निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले तीन वर्ष इस अभियान की सफलता के लिए बेहद अहम साबित होंगे।

वंदे मातरम को बताया राष्ट्रीय चेतना का मंत्र

अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए अमित शाह ने कहा कि 26 जून केवल नशा विरोधी दिवस ही नहीं, बल्कि महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जयंती भी है। उन्होंने कहा कि श्वंदे मातरम्श् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रभक्ति और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा का प्रतीक है। आजादी के आंदोलन में यह देशवासियों के आत्मविश्वास और संघर्ष का सबसे बड़ा उद्घोष बना था।

नशा केवल कानून नहीं, देश के भविष्य का मुद्दा

गृह मंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों का बढ़ता कारोबार केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं, बल्कि देश की युवा पीढ़ी और भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ संत समाज, युवाओं, महिलाओं और सामाजिक संगठनों को भी मिलकर काम करना होगा।

राज्यों से मांगी जवाबदेही, तकनीक के इस्तेमाल पर जोर

अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों से कहा कि एनसीओआरडी की बैठकों को केवल औपचारिक प्रक्रिया न बनने दें। बैठकों में लिए गए निर्णयों का समयबद्ध क्रियान्वयन, नियमित समीक्षा और कमियों का विश्लेषण जरूरी है। उन्होंने बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने रियल-टाइम सूचना साझा करने के लिए कई डिजिटल पोर्टल विकसित किए हैं और राज्यों से सभी मामलों की जानकारी समय पर अपलोड करने का आग्रह किया।

ड्रग्स माफिया पर सख्ती, पीड़ितों के लिए सहानुभूति

गृह मंत्री ने कहा कि ड्रग्स तस्कर नई तकनीकों का इस्तेमाल कर अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ आधुनिक रणनीति के साथ सख्त कार्रवाई जरूरी है। वहीं, नशे की गिरफ्त में आए लोगों को अपराधी नहीं बल्कि पीड़ित मानते हुए उनके इलाज, पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा में वापसी के लिए व्यापक प्रयास किए जाने चाहिए।

सरकार ने गिनाई उपलब्धियां

अमित शाह ने बताया कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच देश में लगभग 26 लाख किलोग्राम सिंथेटिक ड्रग्स जब्त किए गए थे, जबकि 2014 से 2026 के बीच यह आंकड़ा बढ़कर 1 करोड़ 18 लाख किलोग्राम तक पहुंच गया। इसी अवधि में जब्त मादक पदार्थों का मूल्य भी करीब 40 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े सरकार के नशा विरोधी अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।

संबोधन के अंत में गृह मंत्री ने दोहराया कि भारत को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार, सुरक्षा एजेंसियों और समाज को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि ड्रग्स के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले समय में इस दिशा में और अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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