भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमा : सेंसेक्स 473 अंक चढ़ाय निफ्टी भी 22,550 के पार, आईटीसी ने दिखाई ताकत

मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला आखिरकार थम गया। सोमवार को घरेलू बाजार में खरीदारी लौटने से प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए। वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख और अमेरिका में ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की आशंका घटने से निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक वापस आया।
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 472.77 अंक यानी 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,382.47 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई निफ्टी 50 में 133.80 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की तेजी रही और यह 22,555.75 के स्तर पर पहुंच गया।
आईटीसी ने दिखाई सबसे ज्यादा ताकत
निफ्टी-50 के शेयरों में आईटीसी सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहा और इसमें 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा बीएसई, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, श्रीराम फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, इटरनल, एनटीपीसी और अदाणी पोर्ट्स में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
हालांकि बाजार की तेजी सभी शेयरों में समान नहीं रही। एचसीएल टेक, मैक्स हेल्थकेयर, एचडीएफसी बैंक, अपोलो हॉस्पिटल्स, एशियन पेंट्स, इंफोसिस और सन फार्मा जैसे शेयर दबाव में रहे।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बढ़त
व्यापक बाजार में भी निवेशकों का रुझान सकारात्मक रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.67 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.47 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। सेक्टरों की बात करें तो कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और एफएमसीजी में मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला, जबकि हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर अपेक्षाकृत कमजोर रहे।
कच्चे तेल में नरमी से बाजार को राहत
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका के कमजोर रोजगार आंकड़ों ने ब्याज दरों को लेकर चिंता कुछ कम की है। इससे वैश्विक इक्विटी बाजारों में सकारात्मक माहौल बना और भारतीय बाजार को भी इसका फायदा मिला।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार की मौजूदा तेजी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होने की जरूरत नहीं है। ऊंची वैश्विक बॉन्ड यील्ड, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और भू-राजनीतिक तनाव अब भी बाजार के लिए चुनौती बने हुए हैं।
निवेशकों को जल्दबाजी से बचने की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में निवेशकों को केवल बाजार की तेजी देखकर खरीदारी करने के बजाय कंपनियों की कमाई और भविष्य की संभावनाओं पर ध्यान देना चाहिए। गिरावट के दौरान मजबूत बुनियादी आधार वाले चुनिंदा शेयरों में धीरे-धीरे निवेश करना ज्यादा बेहतर रणनीति हो सकती है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
