गुरुवार, 17 सितंबर 202609:47:42 AM
Download App
Home/देश

नए MDR चार्ज को लेकर बढ़ी लोगों की चिंता, : J&K के CM बोले- लोगों को घबराने की जरूरत नहीं

admin

admin

Sep 17, 2026
05:50 AM
J&K के CM बोले- लोगों को घबराने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली। यूपीआई भुगतान को लेकर सामने आए नए चार्ज की खबरों के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आम लोगों को बड़ी राहत वाली बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूपीआई के जरिए होने वाले हर लेन-देन पर आम ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उनके बयान के बाद उन लोगों की चिंता कुछ कम हो सकती है, जिन्हें आशंका थी कि अब यूपीआई से पैसे भेजने या भुगतान करने पर अतिरिक्त रकम देनी पड़ेगी।

व्यक्ति से व्यक्ति को पैसे भेजने पर नहीं लगेगा शुल्क

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच होने वाले यूपीआई लेन-देन पर किसी तरह का चार्ज नहीं लगाया जाएगा। इसका मतलब है कि कोई व्यक्ति अपने दोस्त, परिवार के सदस्य या किसी अन्य व्यक्ति को यूपीआई के माध्यम से पैसे भेजता है, तो इसके लिए उसे अलग से शुल्क नहीं देना होगा।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सामान्य ग्राहकों के छोटे और रोजमर्रा के डिजिटल भुगतान पर भी तत्काल कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। हालांकि, उन्होंने लेन-देन की निर्धारित सीमा और उससे जुड़े नियमों का उल्लेख करते हुए कहा कि शुल्क व्यवस्था को उसी संदर्भ में समझना जरूरी है।

कारोबारियों और कंपनियों से जुड़े भुगतान पर चर्चा

यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत MDR यानी Merchant Discount Rate को लेकर व्यापारिक क्षेत्र में भी चर्चा तेज है। MDR वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान व्यवस्था में व्यापारी पक्ष से जुड़ सकता है। उमर अब्दुल्ला का जोर इस बात पर रहा कि किसी भी नई शुल्क व्यवस्था का सीधा असर आम उपभोक्ता की जेब पर नहीं पड़ना चाहिए।

‘मुफ्त’ डिजिटल सुविधा के पीछे होता है बड़ा खर्च

मुख्यमंत्री ने यूपीआई के संचालन से जुड़े खर्च का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि लोगों को कई डिजिटल सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध दिखाई देती हैं, लेकिन उन्हें संचालित करने और बनाए रखने में काफी संसाधन खर्च होते हैं। इसके बावजूद उन्होंने सरकार से अपील की कि डिजिटल भुगतान की सुविधा का इस्तेमाल करने वाले आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न डाला जाए।

कंपनियों से शुल्क लेने पर जताई सहमति

उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि यदि शुल्क का भार उन कंपनियों पर डाला जाता है जो यूपीआई के माध्यम से व्यावसायिक लाभ कमाती हैं, तो उन्हें इससे आपत्ति नहीं है। उनका तर्क है कि कारोबार और मुनाफे से जुड़े डिजिटल लेन-देन में शुल्क की व्यवस्था अलग तरीके से देखी जा सकती है।

कुल मिलाकर उमर अब्दुल्ला ने अपने बयान में आम उपभोक्ताओं को राहत देने और कंपनियों पर शुल्क का संभावित भार डालने की बात पर जोर दिया है। यूपीआई शुल्क व्यवस्था को लेकर अंतिम प्रभाव संबंधित नियमों और उनके लागू होने के तरीके पर निर्भर करेगा।

admin
Written By

admin

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें