राहुल के दौरे से पहले कांग्रेस में छिड़ी जंग : जबलपुर बनाम इंदौर प्रेम में आमने-सामने हुए दो दिग्गज, तन्खा के पोस्ट से चढ़ा सियासी पारा

भोपाल। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 12 सितंबर को मध्यप्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। वे इंदौर में प्रस्तावित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। लेकिन राहुल के दौरे से पहले एक बार फिर मप्र कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई खुलकर सामने आ गई है। इस बार आमने-सामने हैं पीसीसी जीतू पटवारी और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा। राहुल के वेन्यू कार्यक्रम को लेकर तन्खा ने जीतू पर जोरदार तंज कसा है।
तंखा ने दावा किया कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का विचार उनका था और उनकी इच्छा थी कि इसका आयोजन जबलपुर में किया जाए। हालांकि, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की पसंद इंदौर रही और आखिरकार कार्यक्रम के लिए इंदौर को चुना गया। तंखा ने पटवारी के कथित ‘इंदौर प्रेम’ पर तंज कसते हुए अपनी नाराजगी का संकेत भी दिया।
जबलपुर की जगह इंदौर, तंखा के बयान से उठे सवाल
कार्यक्रम का आयोजन इंदौर में होना तय है, लेकिन तंखा के बयान के बाद कांग्रेस की अंदरूनी सियासत को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या कार्यक्रम के स्थान को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद हैं?
एक तरफ कांग्रेस राहुल गांधी के कार्यक्रम को छात्रों और युवाओं से जोड़कर पेश करने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ आयोजन स्थल को लेकर सामने आया विवाद पार्टी के अंदरूनी समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है।
भाजपा का वारः छात्र नहीं, वर्चस्व की लड़ाई’
कांग्रेस के अंदरूनी विवाद पर बीजेपी ने भी हमला बोल दिया है। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस में छात्रों के मुद्दों से ज्यादा नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है।
बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस नेताओं का छात्रों से कोई वास्तविक सरोकार नहीं है। कार्यक्रम के आयोजन स्थल को लेकर सामने आई खींचतान इस बात का उदाहरण है कि पार्टी में नेतृत्व और प्रभाव को लेकर संघर्ष ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।
प्रफुल्ल तिवारी
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