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रोम जल रहा था, नीरो बांसुरी बजा रहा था, : आशीर्वाद के दीया पर जीतू का तीखा तंज, महंगाई-बेरोजगारी समेत 12 साल के कामकाज पर मांगा हिसाब

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Sep 17, 2026
06:43 AM
आशीर्वाद के दीया पर जीतू का तीखा तंज, महंगाई-बेरोजगारी समेत 12 साल के कामकाज पर मांगा हिसाब

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आज 76वां जन्मदिन है। उनके सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर भाजपा पूरे देश में आशीर्वाद का दिया कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से उनके दीर्घायु होने की कामना की जाएगी। पीएम मोदी के जन्म दिन पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। मप्र कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा और केन्द्र सरकार पर निशाना साधा है। इतना ही नहीं उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन के इस कार्यक्रम को कोरोना काल की ताली-थाली और नोटबंदी के दौर की घटनाओं से जोड़ते हुए सरकार के 12 साल के कामकाज पर सवाल उठाए हैं।

‘ताली-थाली और नोटबंदी की याद तो नहीं?’

पटवारी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में सवाल उठाया कि इंदौर में जलने वाला ‘आशीर्वाद का दीया’ कहीं कोरोना काल में बजाई गई ‘ताली-थाली’ और नोटबंदी के दौरान कतारों में खड़े लोगों की याद तो नहीं दिलाएगा। उन्होंने इसी संदर्भ में ‘रोम जल रहा था, नीरो बांसुरी बजा रहा था’ वाली कहावत का भी इस्तेमाल किया।

जीतू ने पीएम मोदी के कार्यकाल का मांगा हिसाब

पीसीसी चीफ ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को संबोधित करते हुए सरकार से उसके लंबे कार्यकाल का हिसाब मांगने की बात कही। पटवारी के मुताबिक, यदि इन वर्षों में जनता को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिली हैं, सड़कें सुधरी हैं, युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर मिले हैं और किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि हुई है, तो ‘दीया’ जलाने का आयोजन सार्थक माना जा सकता है।

महंगाई और बेरोजगारी पर भी घेरा

पटवारी ने अपने बयान में महंगाई, बेरोजगारी और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि आम आदमी आज भी इन समस्याओं से जूझ रहा है तो ऐसे आयोजन को विकास के प्रतीक के रूप में पेश करने के बजाय जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने इस कार्यक्रम को ‘सियासी नौटंकी’ बताते हुए कहा कि जनता की तकलीफों को नजरअंदाज कर केवल प्रतीकात्मक आयोजन करने से वास्तविक समस्याएं खत्म नहीं होंगी।

‘दीया जलाने से पहले सवालों का अंधेरा दूर हो’

पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं, लेकिन इसके साथ ही सरकार से जनता के मुद्दों पर जवाब देने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि “दीया जलाने से पहले जनता के सवालों का अंधेरा दूर करना जरूरी है।”

पटवारी के इस बयान के बाद मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर तेज होने के संकेत हैं। कांग्रेस महंगाई, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के मुद्दों को लेकर सरकार को घेर रही है, जबकि भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर होने वाले कार्यक्रमों को सेवा और जनभागीदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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