मप्र में स्कूलों की बदहाली पर कांग्रेस अक्रामक : जीतू ने सरकार को लिया निशाने पर, श्वेत पत्र जारी करने की मांग कर हर स्कूल पहुंचने किया ऐलान

भोपाल। मध्य प्रदेश की स्कूली शिक्षा को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने मोहन यादव सरकार पर शिक्षा व्यवस्था की अनदेखी का आरोप लगाते हुए सीधा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल में मीडिया को संबोधित करते हुए सरकार से शिक्षा व्यवस्था पर तत्काल श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्कूलों की जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है और सरकार को जवाब देना चाहिए कि बच्चों को कैसी शिक्षा और सुविधाएं मिल रही हैं। पटवारी ने साफ कहा कि शिक्षा को राजनीतिक बहस से ऊपर रखकर सरकार को कमियां स्वीकार कर उनमें सुधार करना होगा। कांग्रेस अब प्रदेश के स्कूलों तक पहुंचकर व्यवस्थाओं की पोल खोलने की तैयारी में है।
हर स्कूल तक पहुंचेगी कांग्रेस
कांग्रेस ने अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत सामने लाने की योजना बनाई है। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश के हर स्कूल तक पहुंचेंगे। इसकी शुरुआत पंचायत स्तर से की जाएगी।
पंचायत समितियों के अध्यक्षों को अपने क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में जाकर वहां उपलब्ध सुविधाओं, शिक्षण व्यवस्था और अन्य समस्याओं की जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। स्कूलों की वास्तविक स्थिति को तस्वीरों और चलचित्र के माध्यम से जनता के सामने रखा जाएगा।
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार के साथ सहयोग करने को तैयार है, लेकिन यदि सरकार सुधार के लिए जरूरी कदम नहीं उठाती है तो कांग्रेस लगातार सवाल उठाती रहेगी। उन्होंने शिक्षा में सुधार की अनदेखी को गंभीर लापरवाही बताया।
वंदे मातरम् विवाद पर भाजपा को घेरा
वंदे मातरम् को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर भी पटवारी ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं है। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस संविधान में निहित राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और मूल्यों में पूरी आस्था रखती है। उन्होंने भाजपा और संघ से सवाल करते हुए कहा कि आजादी के आंदोलन में उनके कितने नेताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई थी।
राष्ट्रभक्ति के मुद्दे को राजनीतिक बहस का हथियार बनाती है भाजपा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा बार-बार राष्ट्रभक्ति के मुद्दे को राजनीतिक बहस का हथियार बनाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भाजपा या संघ से देशभक्ति का प्रमाण लेने की आवश्यकता नहीं है। शिक्षा व्यवस्था और राष्ट्रगीत के मुद्दे पर पटवारी के तीखे तेवरों से मध्य प्रदेश की राजनीति में सियासी टकराव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। कांग्रेस अब स्कूलों की जमीनी स्थिति को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
