फेक सर्वे के जरिए बीएसपी को कमजोर दिखाने की कोशिश : विरोधियों पर बरसी मायातवी, पांचवीं बार सरकार बनाने कार्यकर्ताओं में भरा जोश

लखनऊ। अगले साल पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा अभी से हाई होने लगा है। चुनावी तैयारियों के बीच राजनीतिक दल एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इसी क्रम में बसपा सुप्रीमों मायावती ने विधानसभा चुनावों को लेकर आ रहे सर्वे पर विरोधी दलों पर तीखा वार किया है। उन्होंने सर्वे को फेंक बताते हुए आरोप लगाया कि मीडिया के जरिए धन-बल का इस्तेमाल कर बसपा को कमजोर करने और जनता का ध्यान भटकाने कोशिश की जा रही है। मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से ऐसे प्रचार से सावधान रहने और यूपी में बसपा की सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटने की अपील की।
फेक सर्वे के जरिए बसपा को निशाना बनाने का आरोप
मायावती ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए बसपा अच्छे और मजबूत उम्मीदवारों के चयन सहित जमीनी स्तर पर तैयारियों में जुटी है। इसी बीच कथित तौर पर प्रायोजित सर्वेक्षणों के जरिए पार्टी को कमजोर दिखाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल में ऐसे सर्वेक्षण मतदाताओं को प्रभावित करने और राजनीतिक दलों की वास्तविक स्थिति को लेकर भ्रम पैदा करने का माध्यम बन सकते हैं। मायावती ने पार्टी समर्थकों से अपील की कि वे किसी भी सर्वेक्षण पर आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय सतर्क रहें।
2007 के चुनाव का दिया उदाहरण
बसपा प्रमुख ने वर्ष 2007 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी मीडिया में पार्टी की संभावनाओं को कम करके आंका गया था। इसके बावजूद बसपा ने पूर्ण बहुमत हासिल कर सरकार बनाई थी।
मायावती के मुताबिक, उनकी सरकार ने उस समय कानून का राज स्थापित करने और ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति के तहत काम करने पर जोर दिया था। उन्होंने इस उदाहरण के जरिए कार्यकर्ताओं को भरोसा बनाए रखने और संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया।
भाजपा और सपा पर भी साधा निशाना
मायावती ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी की सरकारों को लेकर भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि विरोधी दलों और जातिवादी तत्वों के कथित राजनीतिक हथकंडों से लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। बसपा प्रमुख ने खासतौर पर बहुजन समाज के लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह के मिथ्या प्रचार से प्रभावित न हों और पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहें।
पांचवीं बार सरकार बनाने का लक्ष्य
मायावती ने कार्यकर्ताओं से उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार बसपा की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ पूरी मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करना, अच्छे उम्मीदवारों का चयन और जनता के बीच सक्रिय रहना पार्टी की प्राथमिकताएं हैं।
फिलहाल मायावती के इस बयान से उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में सर्वेक्षणों की विश्वसनीयता और राजनीतिक प्रचार को लेकर बहस तेज होने के संकेत हैं। हालांकि, कथित फेक सर्वेक्षणों और उनके पीछे किसी साजिश के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
