'रंग-रोगन नहीं, यात्रियों की सुरक्षा अहम : सुगम परिवहन सेवा पर पटवारी का वार, फिटनेस और सुरक्षा पर मांगा जवाब

भोपाल। मध्यप्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए शुक्रवार से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू की है। इसके जरिए शहरी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा, यह दावा सरकार की ओर से किया गया है। इधर प्रदेश में 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवाÓ की शुरुआत के साथ ही इसे लेकर सियासी संग्राम भी तेज हो गया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए बसों की उम्र, फिटनेस और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं।
पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार वर्षों पुरानी बसों की डेंटिंग-पेंटिंग कर उन्हें सड़क पर उतार रही है और इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है। उनके आरोपों पर सरकार की ओर से अलग प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। उन्होंने कहा कि किसी भी नई सेवा की शुरुआत सकारात्मक सोच के साथ होना अच्छी बात है, लेकिन कुछ बसें शुरू करके उसे बड़ी उपलब्धि बताना और लगातार बड़े-बड़े आंकड़े गिनाना सिर्फ प्रचार का हिस्सा नहीं होना चाहिए।
नई सेवा, पुराने सवाल
पटवारी ने कहा कि प्रदेश में बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की शुरुआत होना अच्छी बात है और जनता को शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर बस सुविधा मिलनी चाहिए। लेकिन कुछ बसें शुरू कर देने और बड़े आंकड़े पेश करने भर से परिवहन व्यवस्था की सभी समस्याएं खत्म नहीं हो जातीं। उन्होंने सरकार से सेवा के वास्तविक विस्तार, बसों की स्थिति और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
सरकार ने 25 सितंबर से सेवा शुरू करते हुए पहले चरण में सात शहरों के लिए 351 बसें रवाना की हैं। इनमें 120 अंतरनगरीय और 231 शहर के भीतर चलने वाली बसें शामिल हैं। योजना के तहत आगे बसों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
'बस का रंग नहीं, फिटनेस अहम
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन में चर्चा बसों के रंग या बाहरी रूप-रंग की बजाय उनकी वास्तविक स्थिति पर होनी चाहिए। उनके मुताबिक यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि बस कितनी पुरानी है, उसकी तकनीकी जांच कैसे हुई है, फिटनेस प्रमाणित है या नहीं और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं या नहीं।
पटवारी ने तंज कसते हुए कहा कि केवल डेंटिंग-पेंटिंग या रंग बदलने से पुरानी बस नई नहीं हो जाती। उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि सेवा में शामिल बसों की फिटनेस जांच की प्रक्रिया क्या है और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं।
25 साल की सरकार पर जिम्मेदारी का सवाल
पटवारी ने भाजपा सरकार के लंबे कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की परिवहन व्यवस्था में यदि कमियां बनी हुई हैं तो उनकी जिम्मेदारी से सरकार बच नहीं सकती। उन्होंने कहा कि नई सेवा की शुरुआत का श्रेय लेने के साथ पिछली व्यवस्थाओं की कमियों और उनसे जुड़े फैसलों की जिम्मेदारी पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।
admin
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
