वोटर लिस्ट से कटा मिर्ची बाबा का नाम : एसआईआर पर संत ने निकाली भड़ास, बोले- संन्यासी से भी मांगे जा रहे प्रमाण

भोपाल। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर देशभर का सियासी पारा हाई है। केन्द्र सरकार से लेकर चुनाव आयोग तक विपक्ष के निशाने पर है। इसी बीच मिर्ची बाबा का नाम वोटर लिस्ट से कटने का मामला सामने आ गया है। मतदाता सूची से नाम कटने पर उन्होंने एसआईआर पर अपनी जमकर भड़ास निकाली है। बता दें मिर्ची बाबा मध्य प्रदेश में राज्यमंत्री का दर्जा मिलने को लेकर भी चर्चा में रह चुके हैं।
‘हम संन्यासी हैं, फिर भी मांगे जा रहे प्रमाण’
मिर्ची बाबा ने सोशल मीडिया में वीडियो जारी कर कहा है कि उनसे माता-पिता और जन्मस्थान से जुड़े प्रमाण मांगे जा रहे हैं। उन्होंने अपनी संन्यासी पहचान का हवाला देते हुए कहा कि उनका पिंडदान हो चुका है। ऐसे में उनसे इस तरह के दस्तावेज मांगने को लेकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। बाबा ने सवाल उठाया कि जब वह संन्यासी हैं और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, तो उनके मताधिकार को लेकर इस तरह की स्थिति क्यों पैदा हो रही है।
‘मैं इनकम टैक्स देता हूं’
वीडियो में मिर्ची बाबा ने कहा कि वह इनकम टैक्स का भुगतान करते हैं। उन्होंने मतदाता सूची से अपना नाम हटाए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उनका मत काटने का कोई अधिकार नहीं है। उनके इस बयान के बाद ैप्त् की प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
प्रफुल्ल तिवारी
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