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राम मंदिर चढ़ावा घोटाले पर सियासी संग्राम : संजय राउत ने केन्द्र सरकार पर बोला तीखा हमला, एफआईआर पर भी खड़े किए गंभीर सवाल

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 26, 2026
07:30 AM
संजय राउत ने केन्द्र सरकार पर बोला तीखा हमला, एफआईआर पर भी खड़े किए गंभीर सवाल

मुंबई। राम मंदिर के चढ़ावा घोटाले को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। मामले का खुलासा होने के बाद से विपक्ष सरकार पर तीखा हमला बोला रहा है। इसी क्रम में शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने मामले में प्राथमिकी दर्ज होने को लेकर जहां गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं केन्द्र सरकार पर तीखा हमला भी बोला है।

संजय राउत ने मुंबई में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद कथित मुख्य आरोपी अब भी ट्रस्ट से जुड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर से जुड़े धन का दुरुपयोग राजनीति में किया गया और इसका इस्तेमाल सांसदों की खरीद-फरोख्त तथा विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए हुआ।

राउत ने दावा किया कि जो लोग खुद को हिंदुत्व का सबसे बड़ा समर्थक बताते हैं, उन्हीं के कार्यकाल में मंदिर की राशि में कथित गड़बड़ी हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों करोड़ रुपये का इस्तेमाल राजनीतिक दलों में टूट कराने और सांसदों को अपने पक्ष में लाने के लिए किया गया। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।

ऑपरेशन टाइगर पर भी किया पलटवार

शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट के संपर्क में आने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने श्ऑपरेशन टाइगरश् को महज प्रचार बताया। उन्होंने कहा कि असली टाइगर आज भी उद्धव ठाकरे के साथ हैं और जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, वे टाइगर नहीं हो सकते। राउत ने तंज कसते हुए कहा कि यदि वे सचमुच मजबूत होते तो उन्हें सुरक्षा घेरे की जरूरत नहीं पड़ती।

उन्होंने कहा कि शिवसेना के मूल कार्यकर्ता आज भी पार्टी नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़े हैं और कुछ नेताओं के जाने से संगठन कमजोर नहीं हुआ है। उनके मुताबिक, पार्टी अपने वफादार कार्यकर्ताओं के बीच लगातार संपर्क अभियान चला रही है।

शिवसेना पर अधिकार को लेकर भी दोहराया दावा

राउत ने एकनाथ शिंदे गुट पर निशाना साधते हुए कहा कि शिवसेना की असली पहचान और विचारधारा उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के पास ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं और सत्ता के सहयोग से पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न छीना गया। उन्होंने शिंदे गुट को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे अपनी वास्तविक ताकत साबित करना चाहते हैं तो अलग नाम और चुनाव चिह्न के साथ जनता के बीच जाकर चुनाव लड़ें। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी पूरे महाराष्ट्र में कार्यकर्ताओं के बीच जाकर संगठन को और मजबूत करेगी।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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