CJP का 10 अक्टूबर को दिल्ली मार्च, : ज्ञानेश कुमार के आवास की सुरक्षा बढ़ाई

नई दिल्ली। देश में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली पुलिस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आधिकारिक आवास और निर्वाचन आयोग के कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त को Z-प्लस सुरक्षा
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को Z-प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। इस सुरक्षा व्यवस्था में कम से कम 32 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं, जिनमें मुख्य रूप से दिल्ली पुलिस के जवान शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के कार्यकाल के दौरान केंद्र सरकार ने इस पद की सुरक्षा को बढ़ाकर उच्चतम श्रेणी में किया था।
वोट चोरी के आरोपों को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब INDIA गठबंधन के नेता चुनाव आयोग के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाकर उन लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित करने की कोशिश की गई, जिन्हें भाजपा का समर्थक नहीं माना जाता। हालांकि, ये विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं।

CJP ने भी की इस्तीफे और कार्रवाई की मांग
कॉकroach जनता पार्टी (CJP) ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की मांग की है। मुंबई और बेंगलुरु में प्रदर्शन करने के बाद पार्टी ने 10 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली में मार्च निकालने की घोषणा की है।
राजघाट पर भी हुआ विरोध प्रदर्शन
गुरुवार को विपक्षी नेताओं ने महात्मा गांधी के स्मारक राजघाट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित की और भाजपा सरकार तथा मुख्य चुनाव आयुक्त को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। प्रदर्शनकारी नेताओं ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
राहुल गांधी ने भी दिया था धरना
मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आकाशवाणी भवन परिसर में करीब आठ घंटे तक धरना दिया था। वहीं, बुधवार को विपक्षी नेताओं को जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश के दौरान शांगरी-ला होटल के पास रोक दिया गया और हिरासत में लिया गया।
विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर वोट चोरी के आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, इन आरोपों के बीच चुनाव आयोग के कार्यालय और मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ाए जाने से राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां तेज बनी हुई हैं।
पलक गीते
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