हरदा में सेवा का संकल्प : बच्चों को चश्मे, टीबी मरीजों को पोषण और बुजुर्गों को सम्मान, अस्पताल को मिला आईएसओ प्रमाणपत्र

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ खड़ी है और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ जरूरतमंदों को राहत पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान और जनविश्वास अभियान के माध्यम से सरकार लोगों तक पहुंच रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत हरदा जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उपचार की व्यवस्था तथा अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए और क्षय रोग यानी टीबी के मरीजों को पोषण आहार की टोकरियां प्रदान कीं। इसके बाद मुख्यमंत्री सार्थक सेवा वृद्धजन आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने बुजुर्गों का सम्मान कर उनका हालचाल जाना।
20 हजार से अधिक बच्चों की आंखों की जांच, 1,156 में मिला दृष्टिदोष
जिला अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अंधत्व निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए। हरदा जिले में इस कार्यक्रम के तहत 135 स्कूलों के 20,320 बच्चों की आंखों की जांच की गई। इनमें 1,156 बच्चों में दृष्टिदोष पाया गया, जिन्हें निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने शासकीय कन्या शाला की कक्षा 12वीं की छात्राओं शिवानी और छाया तथा शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय की छात्रा मुस्कान को चश्मे प्रदान किए। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी ली।
टीबी मरीजों को पोषण आहार, घर-घर पहुंचकर हुई 1.86 लाख लोगों की जांच
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों को पोषण आहार की टोकरियां वितरित कीं। लगभग आठ किलोग्राम वजन वाली प्रत्येक टोकरी में आटा, मूंगफली, दाल और चना सहित प्रोटीन एवं कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाद्य सामग्री शामिल है। मुख्यमंत्री ने झिरी गांव की रामबाई धुर्वे, उषा गिनारे और टिमरनी के परसराम लोवंशी को पोषण आहार प्रदान किया।
नि-क्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को पोषण सहायता के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपये सीधे उनके बैंक खातों में दिए जाते हैं। हरदा जिले में टीबी की पहचान और रोकथाम के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। अब तक उच्च जोखिम वाले गांवों और मोहल्लों में घर-घर पहुंचकर 1,86,332 लोगों की जांच की जा चुकी है। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित हाथ में लेकर चलने वाली एक्स-रे मशीनों और बलगम की जांच से संभावित मरीजों की पहचान की जा रही है। समाजसेवी संस्थाएं भी मरीजों को पोषण आहार उपलब्ध कराने में सहयोग कर रही हैं।
बुजुर्ग महिला ने कहा- इलाज अच्छा मिल रहा, बच्चों को दुलारा
अस्पताल निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री का संवेदनशील अंदाज भी देखने को मिला। उन्होंने एक बुजुर्ग महिला से बातचीत कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। महिला ने बताया कि अस्पताल में उनका अच्छा उपचार हो रहा है और अब उन्हें पहले से राहत है। मुख्यमंत्री ने बच्चों के सिर पर स्नेह से हाथ फेरकर उनका हालचाल भी जाना।
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