जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन पर संग्राम, : पत्थरबाजी में दो जवान घायल, सैकड़ों प्रदर्शनकारी हिरासत में

नई दिल्ली। सीजेपी के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर शनिवार को तनावपूर्ण स्थिति बन गई। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शनकारी दिल्ली पहुंचे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 400 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। इसी बीच, नई दिल्ली इलाके में पीटीआई भवन के पास पुलिस पर पथराव की घटना सामने आई, जिसमें दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी है।
जंतर-मंतर पर पुलिस का पहरा, प्रदर्शनकारियों को रोका
सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस पहले से सतर्क थी। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को एकत्र होने से रोकने के लिए कार्रवाई की। मौके से सामने आए दृश्यों में जंतर-मंतर पर सन्नाटा दिखाई दिया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के दिल्ली पहुंचने की जानकारी भी सामने आई। इसके अलावा, यूट्यूबर ध्रुव राठी और सीजेपी की विधि प्रमुख रत्ना को हिरासत में लिए जाने की खबर है।
पीटीआई भवन के पास पुलिस पर पथराव
नई दिल्ली में पीटीआई भवन के पास करीब 50 प्रदर्शनकारियों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके, जिसमें दो जवान घायल हो गए। पुलिस ने कथित पथराव के बाद करीब 50 लोगों को हिरासत में लिया। हालांकि, घटना के संबंध में पुलिस का विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है। पथराव की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
45 मेट्रो स्टेशनों के द्वार बंद
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों के द्वार बंद रखे गए हैं। दिल्ली मेट्रो रेल निगम के अनुसार, यह व्यवस्था शनिवार शाम छह बजे तक लागू रहनी थी। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने से क्यों किया इनकार?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सीजेपी की ओर से प्रदर्शन के लिए आवेदन सात अक्टूबर को दिया गया था, जबकि कार्यक्रम दस अक्टूबर को प्रस्तावित था। पुलिस ने इसे निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं करना बताया। इसके अलावा, पहले के प्रदर्शनों में कथित रूप से शर्तों का उल्लंघन और सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी अनुमति नहीं देने की वजह बताई गईं। नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू होने का हवाला देते हुए पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
फिलहाल, राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और हिरासत में लिए गए लोगों तथा पथराव की घटना को लेकर आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
