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मीनाक्षी के नामांकन पर कांग्रेस के तेवर नरम : राजधानी में ऐन वक्त पर रद्द हुआ जंगी प्रदर्शन, अंदरूनी रणनीति को लेकर खड़े हुए सवाल

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 10, 2026
09:55 AM
राजधानी में ऐन वक्त पर रद्द हुआ जंगी प्रदर्शन, अंदरूनी रणनीति को लेकर खड़े हुए सवाल

भोपाल। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने को लेकर जिस बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी भोपाल में की गई थी, वह ऐन मौके पर रद्द हो गया। कांग्रेस ने चुनाव आयोग के फैसले को लोकतंत्र और विपक्षी अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए पहले राजधानी में जोरदार प्रदर्शन और शिकायत कार्यक्रम का ऐलान किया था, लेकिन दिल्ली में चुनाव आयोग से मुलाकात तय होने के बाद रणनीति अचानक बदल दी गई।

पार्टी नेताओं का कहना है कि दोपहर 12 बजे आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए शीर्ष नेतृत्व दिल्ली रवाना हुआ, जिसके चलते भोपाल का प्रदर्शन स्थगित करना पड़ा। हालांकि कांग्रेस ने विरोध का स्वर बनाए रखने के लिए रोशनपुरा चैराहे पर उपवास कार्यक्रम की तैयारी जारी रखी, जहां कार्यकर्ता और नेता सरकार तथा निर्वाचन प्रक्रिया के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने वाले हैं।

निर्वाचन आयोग नहीं पहुंचा कोई बड़ा नेता

बता दें कि पार्टी ने पहले घोषणा की थी कि सुबह 11 बजे निर्वाचन आयोग पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी आयोग पहुंचने की बात कही थी, लेकिन तय समय पर कोई बड़ा नेता वहां नहीं पहुंचा। आयोग कार्यालय के बाहर केवल दो विधायक कुछ देर के लिए पहुंचे, लेकिन कार्यक्रम रद्द होने की सूचना मिलने के बाद लौट गए। इससे कांग्रेस की अंदरूनी रणनीति और समन्वय को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

यूथ कार्यकर्ताओं ने आयोग के बाहर की नारेबाजी

हालांकि, यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आयोग कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। इस घटनाक्रम से कांग्रेस की रणनीति और समन्वय पर सवाल उठे। हालांकि, यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ता अपने साथ आरएसएस की ड्रेस भी लेकर पहुंचे। उनका आरोप था कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन आरएसएस के इशारे पर रद्द कराया गया है।

देर रात तक चला था विरोध प्रदर्शन

मंगलवार को मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के बाहर देर रात तक धरना दिया था। पार्टी नेताओं ने फैसले को लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए विरोध दर्ज कराया था। अधिकारियों द्वारा बातचीत का आश्वासन दिए जाने के बाद रात करीब 11:30 बजे धरना समाप्त किया गया था।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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