आजादी के लिए नेहरू ही नहीं पासी ने भी सही यातनाएं : योगी ने राहुल को ऐसे दिखाया आइना

प्रयागराज। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल राहुल गांधी पर एक बार फिर तीखा वार किया है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में केवल पंडित जवाहरलाल नेहरू ही नहीं, बल्कि महाशय मसुरियादीन पासी जैसे अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने भी जेल की यातनाएं सहीं। योगी ने राहुल को यह आइना गुरुवार को प्रयागराज में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, संविधान सभा के सदस्य और पूर्व सांसद महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिखाया।
‘9 साल जेल में रहे मसुरियादीन पासी’
सीएम योगी ने कहा कि महाशय मसुरियादीन पासी ने अपना जीवन देश की आजादी और समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने बताया कि वर्ष 1932 से 1944 के बीच वह करीब नौ साल जेल में रहे और रिहा होने के बाद भी जनजागरण का कार्य जारी रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महापुरुषों के योगदान को याद रखना और नई पीढ़ी तक उनकी विरासत पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने महापौर से प्रस्ताव तैयार करने को कहा, ताकि जिस जगह पर महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा स्थापित की गई है, उसका नामकरण उनके नाम पर किया जा सके। साथ ही प्रयागराज की किसी प्रतिष्ठित संस्था का नाम भी उनके नाम पर रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि महापुरुषों को सम्मान देना किसी एक परिवार का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।
जरायम पेशा कानून के खिलाफ लड़ी थी लड़ाई
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि अंग्रेजों ने वर्ष 1871 में जरायम पेशा कानून बनाकर पासी समेत कई समुदायों को अपमानित और प्रभावित किया था। महाशय मसुरियादीन पासी और डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इस कानून के खिलाफ आवाज उठाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कानून को समाप्त कराने की लड़ाई ने वंचित और दलित समाज को सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया।
प्रफुल्ल तिवारी
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