भारतीय बाजार में बिखराव का दौर : लगातार चौथे दिन टूटा मार्केट, निवेशकों की बढ़ी बेचैनी, सेंसेक्स 570 तो निफ्टी 198.50 अंक टूटा

मुंबई। भारतीय बाजार के लिए यह सप्ताह काफी खराब होता दिख रहा है। कारोबारी सत्र के पहले दिन यानि सोमवार से शुरु हुआ बिखराव का दौर गुरुवार को भी जारी रहा। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,147.15 अंक टूटकर 71,333.14 पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी50 390.40 अंकों का गोता लगाकार 22,230.05 पर पहुंच गया। हालांकि बाद के कारोबार के दौरान इसमें थोड़ी रिकवरी देखने को मिली।
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 570.59 अंक यानी 0.79 प्रतिशत गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ। गिरावट के दौरान सेंसेक्स 2026 के अपने पिछले न्यूनतम स्तर से भी नीचे चला गया। इससे बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ता दिखाई दिया। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी 198.50 अंक यानी 0.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,421.95 पर बंद हुआ। बाजार में लगातार बिखराव को लेकर निवेशकों में बेचैनी बढ़ी गई है।
वाहन और धातु शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव
निफ्टी के प्रमुख शेयरों में बजाज ऑटो, मारुति सुजुकी, श्रीराम फाइनेंस, टाटा स्टील, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, आयशर मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा में गिरावट रही। दूसरी ओर इंफोसिस, एचडीएफसी लाइफ, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई लाइफ, मैक्स हेल्थ और टीसीएस में तेजी देखने को मिली। क्षेत्रीय सूचकांकों में वाहन, धातु, मीडिया और एफएमसीजी क्षेत्र सबसे ज्यादा दबाव में रहे, जबकि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया।
कच्चे तेल और वैश्विक बाजारों ने बढ़ाई चिंता
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, ऊंचे कच्चे तेल के भाव और कई वर्षों के ऊंचे स्तर पर पहुंचा बांड प्रतिफल वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा आने वाले दूसरी तिमाही के कंपनियों के परिणाम और भारतीय रिजर्व बैंक की आगामी मौद्रिक नीति पर भी बाजार की नजर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा अस्थिरता के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत बनी हुई है। ऐसे में बाजार की अगली दिशा वैश्विक परिस्थितियों, ब्याज दरों, कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू कंपनियों के प्रदर्शन से तय होगी।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
