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ट्विशा शर्मा मौत मामला : फरार पति समर्थ सिंह ने एचसी का खटखटाया दरवाजा, अंतरिम राहत की लगाई गुहार

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May 21, 2026
10:19 AM
फरार पति समर्थ सिंह ने एचसी का खटखटाया दरवाजा, अंतरिम राहत की लगाई गुहार

भोपाल। राजधानी भोपाल में पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस मामले में मुख्य आरोपी उनके पति समर्थ सिंह अभी फरार हैं। इसी बीच गुरुवार को उन्होंने अपने वकील के माध्यम से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच में अंतरिम जमानत के लिए याचिका दायर की है। यह मामला “समर्थ सिंह बनाम मध्य प्रदेश राज्य सरकार” के नाम से दर्ज है और फिलहाल कोर्ट की वेबसाइट पर लंबित दिखाया जा रहा है। अभी तक इस पर कोई आदेश पारित नहीं हुआ है।

इससे पहले भोपाल जिला अदालत की जज पल्लवी द्विवेदी ने समर्थ सिंह की अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। अदालत के इस फैसले के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश और तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

पुलिस ने बढ़ाई ईनाम की राशि

इस मामले में जांच को और सख्त करते हुए भोपाल पुलिस ने समर्थ सिंह की गिरफ्तारी की सूचना देने पर मिलने वाले इनाम की राशि को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दिया है। इसके साथ ही विदेश भागने से रोकने के लिए उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया जा चुका है। पुलिस का मानना है कि आरोपी देश छोड़कर भागने की कोशिश कर सकता है, इसलिए निगरानी और बढ़ा दी गई है।

12 मई को मृत पाई गई थी ट्विशा शर्मा

गौरतलब है कि 12 मई को ट्विशा शर्मा अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह संकेत मिला कि मामला आत्महत्या का हो सकता है और गर्दन पर मिले निशान बेल्ट से फांसी लगाने के निशानों से मेल खाते हैं। हालांकि, परिवार ने इसे सुसाइड मानने से इनकार करते हुए दहेज प्रताड़ना और क्रूरता के गंभीर आरोप लगाए हैं।

मामले में समर्थ की मां को बनाया गया सह-आरोपी

मामले में समर्थ सिंह की मां और पूर्व प्रधान जिला न्यायाधीश गिरिबाल को भी सह-आरोपी बनाया गया है, जिन्हें भोपाल जिला अदालत से अंतरिम जमानत मिल चुकी है। पीड़ित पक्ष के वकील अंकुर पांडेय ने बताया कि वे इस जमानत को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। इसके साथ ही राज्य सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण नियम 2020 के तहत गिरिबाला सिंह के खिलाफ अलग से जांच के आदेश भी जारी किए हैं।

यह मामला अब हाईकोर्ट और पुलिस दोनों स्तरों पर निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां एक ओर आरोपी की गिरफ्तारी की कोशिशें तेज हैं, वहीं दूसरी ओर कानूनी लड़ाई भी लगातार आगे बढ़ रही है।

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