मप्र बनेगा देश का बड़ा पर्यटन केन्द्र, : मध्यप्रदेश पर्यटन मार्ट 2026 में हुआ मंथन, भोपाल-इंदौर में अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की तैयारी

भोपाल। राजधानी भोपाल में इन दिनों मध्यप्रदेश पर्यटन मार्ट 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसमें मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन केन्द्रों में शामिल करने को लेकर बड़ा मंथन हुआ। बैठक में मप्र में पर्यटन को नई उड़ान देने के लिए भोपाल-इंदौर अंतरराष्ट्रीय आयोजन और ओरक्षा-खजुराहो में विवाह समारोहों को बढ़ावा देने की योजना तैयार की गई। बैठक में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव और भारतीय सम्मेलन प्रोत्साहन ब्यूरो के अध्यक्ष हरिकिशोर एस. भी मौजूद रहे।
हरिकिशोर एस. ने कहा कि देश में बैठकों, सम्मेलनों, प्रदर्शनियों और बड़े आयोजनों का क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में बैठकों और सम्मेलनों का बाजार लगभग 37,576 करोड़ रुपये का है, जबकि बड़े आयोजनों का क्षेत्र वर्ष 2028 तक 19,600 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने मध्यप्रदेश में शहर स्तर पर आयोजन प्रोत्साहन ब्यूरो बनाने, राज्य की विशेष पर्यटन नीति तैयार करने और बड़े सम्मेलन केंद्र विकसित करने का सुझाव दिया।
ओरछा-खजुराहो में विवाह पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
कार्यक्रम में विजक्राफ्ट समूह के सह-संस्थापक सब्बास जोसेफ ने मध्यप्रदेश की अनुभव आधारित पर्यटन संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ओरछा, खजुराहो, महेश्वर, मांडू और ग्वालियर जैसे ऐतिहासिक शहर भव्य विवाह समारोहों और सांस्कृतिक उत्सवों के लिए आकर्षक स्थल बन सकते हैं।
इसके लिए विवाह आयोजकों के परिचयात्मक दौरे कराने, प्रमाणित विवाह स्थलों की सूची तैयार करने और स्थानीय खानपान, हस्तशिल्प, हथकरघा तथा लोककला को शामिल करते हुए विशेष पैकेज बनाने पर जोर दिया गया।
वर्ष 2027 में साहसिक पर्यटन को नई दिशा
साहसिक पर्यटन पर आयोजित चर्चा में मध्यप्रदेश को इस क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने की रणनीति पर विचार हुआ। पर्यटन विभाग के सचिव और पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने वर्ष 2027 को साहसिक पर्यटन वर्ष के रूप में विकसित करने के लिए विशेष प्रयासों की बात कही।
सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं पर रहेगा जोर
पद्मश्री अजीत बजाज ने साहसिक पर्यटन स्थलों और सुविधाओं के विकास के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी का सुझाव दिया। उन्होंने अलग-अलग गतिविधियों के बजाय एक ही स्थान पर कई साहसिक गतिविधियों से युक्त केंद्र विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने प्रशिक्षित मार्गदर्शकों, सुरक्षा नियमों, आपातकालीन बचाव व्यवस्था और चिकित्सा बीमा को अनिवार्य प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इन पहलों से मध्यप्रदेश में पर्यटन निवेश, स्थानीय रोजगार और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं हैं।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
