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नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की महापूजा : भय और नकारात्मकता से मुक्ति के लिए करें यह मंत्र जाप, भक्तों को प्रदान करता है अभय

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Oct 17, 2026
06:09 AM
भय और नकारात्मकता से मुक्ति के लिए करें यह मंत्र जाप, भक्तों को प्रदान करता है अभय

शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन शनिवार को मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि को बुरी शक्तियों का नाश करने वाली और अपने भक्तों को भय से मुक्ति दिलाने वाली देवी माना जाता है। देवी का स्वरूप भले ही अत्यंत उग्र है, लेकिन भक्तों के लिए वह सदैव शुभ और कल्याणकारी हैं। यही कारण है कि मां कालरात्रि को संकटों से रक्षा करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है।

भय और नकारात्मकता का नाश करती हैं मां कालरात्रि

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि की आराधना करने से साधक के मन में साहस और आत्मविश्वास का संचार होता है। देवी को काल पर विजय प्राप्त करने वाली शक्ति का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि उनकी कृपा से जीवन की बाधाओं का सामना करने की शक्ति मिलती है और भक्तों को कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है।

माँ कालरात्रि की कहानी - साधना ऐप

उग्र स्वरूप में भी भक्तों के लिए कल्याणकारी हैं माता

पौराणिक मान्यताओं में मां कालरात्रि को अधर्म और नकारात्मक शक्तियों का अंत करने वाली देवी बताया गया है। उनका स्वरूप बुराई पर अच्छाई की विजय और धर्म की रक्षा का प्रतीक है। धार्मिक कथाओं के अनुसार, देवी का यह स्वरूप दुष्ट शक्तियों का संहार कर संसार की रक्षा करता है। उनका उग्र रूप शत्रुओं और बुरी शक्तियों के लिए भयकारी, जबकि सच्चे भक्तों के लिए अभय प्रदान करने वाला माना जाता है।

पूजा में अखंड ज्योति और काले तिल का विशेष महत्व

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा में श्रद्धा और नियमों का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां के समक्ष दीपक जलाकर उनकी आराधना की जाती है। काले तिल अर्पित करना, मंत्र जाप करना और ध्यान लगाना भी पूजा का हिस्सा माना जाता है। श्रद्धालु माता से परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और संकटों से रक्षा की प्रार्थना करते हैं।

मां कालरात्रि के इस मंत्र का करें जाप

नवरात्रि के सातवें दिन मां भगवती की आराधना के लिए श्रद्धालु मंत्रों का जाप करते हैं। मां कालरात्रि की उपासना करते समय शांत मन से ध्यान लगाना और श्रद्धापूर्वक प्रार्थना करना महत्वपूर्ण माना जाता है।

मंत्र:

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मंत्र जाप से मन एकाग्र करने और आध्यात्मिक साधना में ध्यान लगाने में सहायता मिलती है।

साहस और शक्ति की उपासना का दिन

नवरात्रि का सातवां दिन शक्ति, साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है। भक्त मां कालरात्रि से जीवन के भय, परेशानियों और नकारात्मक विचारों से उबरने की प्रार्थना करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई आराधना भक्तों को मानसिक बल और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करती है। मां कालरात्रि की पूजा का संदेश है कि कठिन से कठिन परिस्थिति में भी साहस, विश्वास और धर्म के मार्ग पर बने रहना चाहिए।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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