'सपने बड़े देखो, मेहनत जी-तोड़ करो', : छात्राओं को CM मोहन का सफलता मंत्र, बोले- आज का विद्यार्थी ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को राजधानी भोपाल के टी.टी. नगर स्थित कमला नेहरू सांदीपनि शासकीय कन्या विद्यालय में छात्राओं और शिक्षकों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि "मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता की असली कुंजी हैं। आज इन युवाओं के चेहरों पर मुझे विकसित भारत का उज्ज्वल भविष्य दिखाई देता है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का भारत है और राज्य सरकार हर युवा के सपनों को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश इस समय अमृतकाल से गुजर रहा है और आज की युवा पीढ़ी ही भारत के भविष्य की निर्माता है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य युवाओं की मेहनत, प्रतिभा और नवाचार से ही पूरा होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि उनके पास बड़े सपने हैं तो सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्य तय कर पूरी मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
सरकारी स्कूलों की शिक्षा पर जताया गर्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं भी सरकारी विद्यालय में पढ़े हैं। उन्होंने कहा कि पहले स्कूलों में इतनी सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन आज सांदीपनि विद्यालय आधुनिक शिक्षा और बेहतर संसाधनों के कारण नई पहचान बना रहे हैं। उन्होंने भारतीय शिक्षा व्यवस्था और गुरु-शिष्य परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि भारत केवल आर्थिक ताकत से नहीं, बल्कि संस्कारों, जीवन मूल्यों और ज्ञान के बल पर विश्व में सम्मान प्राप्त करता है।
उन्होंने कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय की 58 छात्राओं के मेरिट सूची में आने पर खुशी जताई और कहा कि आज निजी विद्यालयों के विद्यार्थी भी सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश लेने के इच्छुक हैं।
कृषि से लेकर राजनीति तक हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की सलाह
मुख्यमंत्री ने छात्राओं से कहा कि डॉक्टर, इंजीनियर और सेना में अधिकारी बनने के साथ-साथ कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और राजनीति जैसे क्षेत्रों में भी युवाओं की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षित युवा ही प्रदेश और देश को आर्थिक रूप से समृद्ध बना सकते हैं। राज्य सरकार युवाओं और किसानों के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।
नई शिक्षा व्यवस्था और सांदीपनि विद्यालयों का विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में पहले चरण में 274 सांदीपनि विद्यालय तथा जनजातीय कार्य विभाग के 94 विद्यालय सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। दूसरे चरण में 200 नए सांदीपनि विद्यालय और जनजातीय विभाग के 205 नए विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लाया जा रहा है।
एआई का उपयोग करें, लेकिन अपनी सोच भी रखें
संवाद के दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री से कई रोचक सवाल पूछे। एक छात्रा ने पूछा कि क्या वह चैट-जीपीटी का उपयोग करते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कार्यक्रमों और समसामयिक विषयों की जानकारी जुटाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित साधनों का उपयोग करते हैं, लेकिन किसी भी जानकारी पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहते। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि एआई का उपयोग करें, लेकिन अपनी समझ और विवेक भी जरूर लगाएं तथा तथ्यों की जांच अवश्य करें।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वह सामाजिक माध्यमों का उपयोग करते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अनुसरण करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, खेलकूद, समय प्रबंधन, डायरी लेखन और निरंतर सीखने की आदत अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि जीवन में पढ़ाई कभी समाप्त नहीं होती, सीखने की जिज्ञासा ही व्यक्ति को आगे बढ़ाती है।
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