मंगलवार, 15 सितंबर 202612:14:20 PM
Download App
Home/लाइफस्टाइल

स्तन में गांठ से लेकर त्वचा में बदलाव तक : इन संकेतों को न करें नजरअंदाज; समय पर जांच है जरूरी

admin

admin

Sep 15, 2026
07:24 AM
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज; समय पर जांच है जरूरी

स्तन कैंसर महिलाओं में पाए जाने वाले प्रमुख कैंसर में शामिल है। विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में होने वाले नए और असामान्य बदलावों को समय रहते पहचानना चिकित्सकीय जांच और आगे के उपचार की दिशा तय करने में मदद कर सकता है। ऐसे में महिलाओं के लिए अपने शरीर में होने वाले बदलावों के प्रति जागरूक रहना महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा जानकारी में स्तन से जुड़े कुछ ऐसे बदलावों के बारे में बताया, जिन पर महिलाओं को विशेष ध्यान देना चाहिए। हालांकि, इन संकेतों में से किसी एक के दिखाई देने का मतलब सीधे तौर पर कैंसर होना नहीं है।

नई गांठ महसूस हो तो कराएं जांच

स्तन में अचानक नई गांठ या कोई कठोर हिस्सा महसूस होना ऐसा बदलाव है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार गांठ सामान्य कारणों या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से भी हो सकती है। लेकिन अगर कोई गांठ लंबे समय तक बनी रहती है या उसमें बदलाव महसूस होता है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना बेहतर है।

आकार और बनावट में बदलाव भी महत्वपूर्ण

दोनों स्तनों के आकार में थोड़ा अंतर होना सामान्य हो सकता है। लेकिन यदि किसी एक स्तन के आकार, स्वरूप या बनावट में अचानक और असामान्य परिवर्तन दिखाई दे, तो चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी है।

स्तन की त्वचा में लालिमा, मोटापन, सूजन, गड्ढे जैसा पड़ना या बनावट में अचानक बदलाव भी ध्यान देने योग्य संकेत हो सकते हैं। हालांकि ऐसे लक्षण संक्रमण सहित अन्य कारणों से भी हो सकते हैं, इसलिए खुद से किसी बीमारी का निष्कर्ष निकालने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना उचित है।

निप्पल में बदलाव को भी गंभीरता से लें

निप्पल का अचानक अंदर की ओर खिंचना, उसके आसपास की त्वचा में बदलाव या लगातार असहजता महसूस होना भी डॉक्टर को बताना चाहिए। इसी तरह बिना दबाए निप्पल से अपने आप असामान्य स्राव निकलना, विशेषकर उसमें खून नजर आना, चिकित्सकीय जांच की वजह हो सकता है।

लक्षण दिखें तो घबराएं नहीं, जांच जरूर कराएं

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें से किसी एक लक्षण का होना स्तन कैंसर की पुष्टि नहीं करता। इसके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। लेकिन कोई नया या असामान्य बदलाव लगातार बना रहे, तो जांच कराने में देरी नहीं करनी चाहिए। समय पर चिकित्सकीय सलाह जागरूकता और बेहतर देखभाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।

admin
Written By

admin

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें