जयपुर में CJP कार्यकर्ताओं पर SC/ST एक्ट के तहत FIR : ग्रामीणों ने लगाया मारपीट और जातिसूचक गाली देने का आरोप

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। 21 अगस्त को स्कूल का जायजा लेने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया था। इस मामले में अब CJP के सह संयोजक आशुतोष रांका समेत करीब 50-60 कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ SC/ST एक्ट के तहत भी कार्रवाई की है।
स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे थे CJP कार्यकर्ता
बताया जा रहा है कि CJP के सह संयोजक आशुतोष रांका करीब 50-60 कार्यकर्ताओं के साथ जयपुर के एक गांव स्थित सरकारी स्कूल का जायजा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों और CJP कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़ गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने कथित तौर पर कार्यकर्ताओं को गांव से बाहर जाने के लिए मजबूर कर दिया।
ग्रामीण ने लगाया गाली-गलौज और मारपीट का आरोप
मामले में शिकायतकर्ता भगवान सहाय ने आरोप लगाया कि CJP कार्यकर्ताओं ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज की। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि घटना में उन्हें और अन्य ग्रामीणों को चोटें आई हैं।
जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप
भगवान सहाय ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि आशुतोष रांका ने उन्हें और अन्य ग्रामीणों को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस घटना से ग्रामीणों में नाराजगी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जानबूझकर चोट पहुंचाने, गलत तरीके से रोकने, शांति भंग करने, गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने और जानबूझकर अपमानित करने जैसी धाराओं के साथ SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
CJP की ओर से भी दर्ज कराई गई FIR
वहीं, इस पूरे विवाद में CJP की ओर से भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। पार्टी ने ग्रामीणों पर अपने कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करने और वाहनों में तोड़फोड़ करने के आरोप लगाए हैं। ऐसे में दोनों पक्षों की शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं। पुलिस FIR के आधार पर घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और घटना के दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ।
आलोक त्रिपाठी
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