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कांग्रेस का बड़ा दांवः : आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए हाई लेवल कमेटी, सीनियर नेताओं को मिली जगह, इन पर रहेगा फोकस

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 25, 2026
10:20 AM
आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए हाई लेवल कमेटी, सीनियर नेताओं को मिली जगह, इन पर रहेगा फोकस

भोपाल। मध्य प्रदेश में आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने बड़ा राजनीतिक कदम उठाया है। पार्टी ने जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ आदिवासियों के संवैधानिक और पारंपरिक अधिकारों को मजबूती से उठाने के लिए एक विशेष उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस पहल को प्रदेश में आदिवासी वर्ग के बीच कांग्रेस की सक्रियता बढ़ाने और उनके मुद्दों को संगठित तरीके से उठाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

कांग्रेस नेतृत्व के निर्देश पर बनी समिति

यह समिति अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर गठित की गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चैधरी ने समिति के गठन की घोषणा की। पार्टी का कहना है कि यह समिति प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर मौजूद समस्याओं का अध्ययन करेगी और उनके समाधान के लिए ठोस रणनीति तैयार करेगी।

वरिष्ठ नेताओं को मिली जिम्मेदारी

कांग्रेस ने समिति में कई अनुभवी और प्रभावशाली नेताओं को शामिल किया है। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को समिति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया को भी सदस्य बनाया गया है। इन नेताओं के अनुभव का लाभ लेकर पार्टी आदिवासी क्षेत्रों में अपनी पहुंच मजबूत करना चाहती है।

समिति के प्रमुख कार्य

नई समिति का मुख्य फोकस आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर रहेगा। इसमें जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा, वन भूमि से जुड़े मामलों की निगरानी तथा आदिवासी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

इसके अलावा समिति वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा करेगी और यह पता लगाएगी कि जमीनी स्तर पर कानून का लाभ आदिवासी समुदाय तक किस हद तक पहुंच रहा है। आदिवासी अंचलों में भूमि विवाद और अधिकार संबंधी मामलों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

आदिवासी क्षेत्रों में बढ़ेगी राजनीतिक सक्रियता

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि समिति के गठन के जरिए कांग्रेस आदिवासी बहुल इलाकों में अपनी मौजूदगी और प्रभाव को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। पार्टी इन मुद्दों को गांव से लेकर विधानसभा तक प्रभावी ढंग से उठाने की रणनीति बना रही है। आने वाले समय में समिति की रिपोर्ट और सुझावों के आधार पर कांग्रेस आदिवासी हितों से जुड़े कई बड़े अभियान भी शुरू कर सकती है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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