यूसीसी बिल की विधानसभा में एंट्री : मोहन सरकार का ऐतिहासिक कदम, कांग्रेस विधायक के आरोपों का मंत्री विजयवर्गीय ने दिया करारा जवाब

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का सोमवार को आगाज हो गया है। सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने किसानों और बेरोगारी के मसले को सदन में जबर्दस्त हंगामा किया। इस हंगामे के बीच मोहन सरकार ने बड़ा कदम उठाते समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से जुड़े विधेयक को सदन में पेश कर दिया है। मंत्री गौतम टेटवाल ने यूसीसी से जुड़ा बिल समेत 14 विधेयक पटल पर रखा। इन सभी विधेयकों पर मंगलवार से सदन में विस्तृत चर्चा होगी। बिलों को पटल में रखने के बाद पक्ष-विपक्ष के बीच जमकर नोकझोंक भी देखने को मिली। बता दें कि इससे पहले रविवार डॉ मोहन यादव की कैबिनेट ने इस बिल को मंजूरी दी थी।
कांग्रेस विधायक सचिन यादव और बाला बच्चन ने आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना एक साथ इतने महत्वपूर्ण विधेयक पेश करना उचित नहीं है। उनका कहना था कि विपक्ष को पहले से जानकारी मिलनी चाहिए थी ताकि वह तैयारी के साथ चर्चा में हिस्सा ले सके। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब देते हुए कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक के बाद ही विधेयक सदन में लाए जाते हैं और यही विधानसभा की स्थापित परंपरा है। उन्होंने विपक्ष की आपत्तियों को निराधार बताया।

गोपाल भार्गव बोले- यूसीसी में शादी को लेकर व्यवस्था अच्छी है
बीजेपी विधायक गोपाल भार्गव ने कहा कि लिव इन रिलेशन भारतीय संस्कृति का अंग नहीं इसकी मान्यता नहीं है। नए दौर में यह सब प्रचलन में आया है फिर भले ही किसी को खाई में धकेल दिया जाए, इस तरह की बाते होती हैं। यह सब ध्यान में रखकर सरकार इसको लेकर फैसला कर रही है। यूसीसी में शादी को लेकर बहुत अच्छी व्यवस्था दी गई है। आदिवासी, घुमक्कड़ जैसे समुदाय संस्कृति बहुत प्राचीन हैं। जनजातीय के समान वर्गों और मुस्लिम समाज के नियमों में बहुत अंतर है।
बीजेपी सरकार में किसान खुश- रामेश्वर शर्मा
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि बीजेपी की सरकार में किसान खुश हैं। उन्हें समय पर खाद बीज, बिजली, पानी सब मिल रहा है। किसानों की आय बढ़ी है। यूसीसी के मुद्दे पर कहा कि कांग्रेस मुल्ला मौलवियों के दबाव में यूसीसी का विरोध कर रही है। कांग्रेस हलाला प्रथा की समर्थक है। मध्यप्रदेश में सबको समान हक मिलेगा, यूसीसी लागू होगा।
सवालों और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों की भरमार
विधानसभा सचिवालय के अनुसार, इस सत्र के लिए कुल 1,756 प्रश्न प्राप्त हुए हैं, जिनमें 900 तारांकित और 856 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। इसके अलावा 267 ध्यानाकर्षण सूचनाएं, पांच स्थगन प्रस्ताव, 20 अशासकीय संकल्प और 77 शून्यकाल की सूचनाएं भी प्राप्त हुई हैं। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सत्र से पहले सभी तैयारियों का जायजा लिया। ऐसे में माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश विधानसभा का यह मानसून सत्र विधायी कार्यों के साथ-साथ राजनीतिक टकराव के कारण भी काफी चर्चा में रहेगा।
प्रफुल्ल तिवारी
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