मप्र में बदली मौसम की चाल : जून की बारिश ने कई जिलों में सामान्य आंकड़ों को छोड़ा पीछे, निवाड़ी बना रिकार्डधारी जिला

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की आधिकारिक एंट्री अभी नहीं हुई है, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियों ने पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल दिया है। जून के शुरुआती नौ दिनों में हुई बारिश ने कई जिलों में सामान्य आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है। कई इलाकों में झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं कुछ स्थानों पर मौसम की अनिश्चितता नई चुनौतियां भी खड़ी कर रही है।
मौसम विभाग के अनुसार 1 से 9 जून के बीच प्रदेश में औसतन आधा इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है। खास बात यह है कि 14 जिलों में सामान्य से 100 प्रतिशत से लेकर 672 प्रतिशत तक अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। हालांकि विभाग ने इस वर्ष प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई है, लेकिन फिलहाल प्री-मानसून बारिश उम्मीद से कहीं अधिक सक्रिय नजर आ रही है।
निवाड़ी बना बारिश का रिकॉर्डधारी जिला
बारिश के आंकड़ों में निवाड़ी जिला सबसे आगे रहा है। यहां सामान्य 1.9 मिमी के मुकाबले 14.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो 672 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा नीमच में 493 प्रतिशत, आगर-मालवा में 385 प्रतिशत, श्योपुर में 346 प्रतिशत, मंदसौर में 334 प्रतिशत और भोपाल में 304 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।
अलीराजपुर, अशोकनगर, देवास, हरदा, मुरैना, राजगढ़, सीहोर और शाजापुर जैसे जिलों में भी सामान्य से दोगुनी से ज्यादा वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इन आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में मानसून पूर्व गतिविधियां काफी प्रभावी बनी हुई हैं।
अब लू नहीं, ओलावृष्टि का खतरा
मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए पूर्वानुमान में बड़ा बदलाव किया है। जिन जिलों में पहले लू का अलर्ट जारी किया गया था, वहां अब बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। 12 जून को मुरैना, भिंड, टीकमगढ़ और छतरपुर में ओले गिरने के आसार हैं। वहीं बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, जबलपुर और आसपास के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। मौसम के इस बदले हुए स्वरूप ने प्रदेश में मानसून के आगमन से पहले ही हलचल बढ़ा दी है।
प्रफुल्ल तिवारी
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