जब रेडियो पर गूंजते थे मैडोना के गाने... : लिसा रे ने पुरानी तस्वीर के साथ खोली यादों की पोटली, बोली- बेफिक्री, बगावत और संगीत से भरा था मेरा वह दौर

मुंबई। अभिनेत्री लिसा रे ने सोशल मीडिया पर एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए अपने जीवन के उस दौर को याद किया, जब संगीत, फैशन और आजादी की भावना उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा हुआ करती थी। 1980 के दशक से जुड़ी अपनी यादों को साझा करते हुए अभिनेत्री ने बताया कि वह समय उनके लिए केवल कपड़ों और लोकप्रिय गानों का दौर नहीं था, बल्कि बचपन और युवावस्था की उन भावनाओं से जुड़ा था, जिनमें बेफिक्री के साथ कुछ अलग करने की चाह भी शामिल थी।
लिसा ने जो तस्वीर साझा की है, उसमें वह काले रंग की पोशाक में दिखाई दे रही हैं। खुले घुंघराले बाल और उनका पूरा अंदाज उस दौर के फैशन की झलक देता है। तस्वीर के साथ अभिनेत्री ने बताया कि 80 के दशक में उन्होंने उस समय के चर्चित पहनावे और हेयरस्टाइल को भी खूब अपनाया था।
फैशन में दिखती थी अलग पहचान
लिसा ने याद किया कि उस दौर में रंग-बिरंगे लेग वॉर्मर्स, अलग तरह की हेयरस्टाइल और फिल्म ‘फ्लैशडांस’ से प्रभावित स्वेटशर्ट जैसे पहनावे युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय थे। उनके मुताबिक, उस समय फैशन केवल दिखावे का जरिया नहीं था, बल्कि अपनी पहचान और व्यक्तित्व को व्यक्त करने का एक तरीका भी था।
अभिनेत्री ने उस दौर के संगीत को अपनी यादों का बेहद खास हिस्सा बताया। मैडोना, माइकल जैक्सन और माइकल हचेंस जैसे कलाकारों के गीत उनकी किशोरावस्था की स्मृतियों से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि वह ड्यूरन ड्यूरन की भी बड़ी प्रशंसक थीं और यहां तक कि अपने पालतू जानवरों के नाम रखने में भी इस संगीत समूह से प्रेरणा ली थी।
साइकिल, लंबी ड्राइव और तेज संगीत
लिसा ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए बताया कि कलकत्ता की गर्मियों और टोरंटो में बिताए लंबे सप्ताहांत उनके लिए बेहद खास थे। वह आसपास के इलाकों में साइकिल चलाती थीं और लंबी ड्राइव पर निकलना पसंद करती थीं। कार में रेडियो पर तेज आवाज में संगीत सुनना उस समय उनकी पसंदीदा चीजों में शामिल था।
उनके मुताबिक, उस समय जिंदगी में एक खास तरह की सरलता थी। जिम्मेदारियां कम थीं और अपने मन के मुताबिक जिंदगी जीने की आजादी ज्यादा महसूस होती थी। हालांकि, उनके भीतर कुछ नया करने और तय सीमाओं से आगे निकलने की इच्छा भी लगातार बनी रहती थी।
बीते दौर से आज के जीवन तक का सफर
अपने पुराने व्यक्तित्व को याद करते हुए लिसा ने खुद से सवाल किया कि क्या वह वास्तव में 80 के दशक की वैसी ही लड़की थीं, जो मजबूत थी, अपने फैसले खुद लेती थी और मुश्किल परिस्थितियों से टकराने का साहस रखती थी।
अभिनेत्री ने माना कि समय के साथ जिंदगी ने उन्हें कई ऐसे अनुभव दिए, जिनकी उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी। अचानक आए बदलावों और अनचाहे मोड़ों ने उनके व्यक्तित्व को और परिपक्व बनाया।
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