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पाकिस्तान को अमेरिका से बड़ा झटका : पाक-चीन की चाल पर अमेरिका ने फेरा पानी, BLA को UN आतंकी सूची में शामिल करने से किया इनकार

नीरज द्विवेदी

नीरज द्विवेदी

Jun 10, 2026
05:18 AM
पाक-चीन की चाल पर अमेरिका ने फेरा पानी, BLA को UN आतंकी सूची में शामिल करने से किया इनकार

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसकी सहयोगी इकाई मजीद ब्रिगेड को वैश्विक आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल करने की पाकिस्तान और चीन की संयुक्त पहल को अमेरिका ने समर्थन नहीं दिया है। इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर महाशक्तियों के अलग-अलग दृष्टिकोण को फिर से उजागर कर दिया है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की '1267 अल-कायदा प्रतिबंध समिति' के तहत बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसकी सहयोगी इकाई मजीद ब्रिगेड को आतंकवादी संगठन घोषित करने के लिए पाकिस्तान और चीन ने संयुक्त प्रस्ताव पेश किया था। यह प्रस्ताव पिछले वर्ष सितंबर में समिति के समक्ष रखा गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस महीने अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं जताई, जिसके चलते इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। ये तीनों देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य हैं और वीटो अधिकार रखते हैं।

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत आसिम इफ्तिखार अहमद ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा था कि ISIL-K, अल-कायदा, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ETIM), बीएलए और मजीद ब्रिगेड जैसे संगठन अफगानिस्तान में मौजूद ठिकानों से अपनी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसे 60 से अधिक आतंकवादी शिविर सीमा पार घुसपैठ और हमलों के लिए केंद्र के रूप में काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा था, "पाकिस्तान और चीन ने संयुक्त रूप से 1267 प्रतिबंध समिति के समक्ष बीएलए और मजीद ब्रिगेड को सूचीबद्ध करने का अनुरोध प्रस्तुत किया है। हमें उम्मीद है कि सुरक्षा परिषद उनकी आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए इस प्रक्रिया पर शीघ्र कार्रवाई करेगी।"

वर्तमान में पाकिस्तान वर्ष 2025-26 के कार्यकाल के लिए 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है, जबकि चीन परिषद का स्थायी सदस्य होने के साथ वीटो अधिकार भी रखता है।

गौरतलब है कि इससे पहले चीन ने '1267 अल-कायदा प्रतिबंध समिति' के तहत पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादियों और आतंकी संगठनों को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए भारत और उसके सहयोगी देशों द्वारा लाए गए कई प्रस्तावों को रोक दिया था।

हालांकि, अमेरिका ने अपने राष्ट्रीय कानूनों के तहत बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) को पहले ही विदेशी आतंकवादी संगठन और "विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी" (SDGT) के रूप में सूचीबद्ध कर रखा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने मजीद ब्रिगेड को भी बीएलए के एक अन्य नाम या संबद्ध इकाई के रूप में इस सूची में शामिल किया है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने बयान में कहा था कि आतंकवादी संगठनों की पहचान और उन पर प्रतिबंध लगाना आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है तथा इससे ऐसे संगठनों को मिलने वाले वित्तीय और अन्य प्रकार के समर्थन को रोकने में मदद मिलती है।

वर्ष 2019 में कई आतंकी हमलों के बाद अमेरिका ने बीएलए को SDGT घोषित किया था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इसके बाद भी बीएलए ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली है, जिनमें मजीद ब्रिगेड द्वारा अंजाम दिए गए हमले भी शामिल हैं।

नीरज द्विवेदी
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नीरज द्विवेदी

5 साल से ज्यादा का पत्रकारिता अनुभव। टीवी और प्रिंट मीडिया में कलमकारी की है। पॉलिटिकल और पब्लिक कनेक्ट की खबरों में दिलचल्पी। TV27NEWS DIGITAL में एंकरिंग भी कर रहे हैं।

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