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21 साल का इंतजार खत्म : मप्र में फिर शुरु हुई सार्वजनिक परिवहन सेवा, सीएम-केन्द्रीय मंत्री ने 351 बसों को दिखाई हरी झंडी, कांग्रेस पर बरसे मोहन

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Sep 25, 2026
09:15 AM
मप्र में फिर शुरु हुई सार्वजनिक परिवहन सेवा, सीएम-केन्द्रीय मंत्री ने 351 बसों को दिखाई हरी झंडी, कांग्रेस पर बरसे मोहन

भोपाल। मध्यप्रदेश में करीब 21 साल बाद सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में नया अध्याय लिखा गया है। शुक्रवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा का शुभारंभ किया। पहले चरण में प्रदेश के सात शहरों में 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन शुरू किया गया है। भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल, जगदीश देवड़ा मंत्री उदय प्रतापत सिंह, विश्वास सारंग, राज्य मंत्री कृष्णा गौर मौजूद थीं ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भेल दशहरा मैदान पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्मोत्सव 17 सितंबर से 17 अक्टूबर के अवसर पर सेवा संकल्प माह और एकात्म मानववाद के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर 21 साल बाद मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन बस सेवा पुन: शुरू हो रही है। जनता की सेवा के संकल्प की पूर्ति का नया अध्याय लिखा गया है। हमारी सड़क परिवहन सेवाओं का लाभ प्रदेश के दूर-दराज स्थित जनजातीय क्षेत्रों को भी मिलेगा। गरीब और जरुरतमंदों के लिए प्रदेश सरकार ने सेवा का संकल्प लिया है। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी के माध्यम से प्रदेश में सड़कों और हाईवे का जाल बिछ रहा है।

यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए हैं विशेष व्यवस्था

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन के एक आधुनिक और यूनिक मॉडल की शुरुआत हो रही है। बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, पैनिक बटन, इमरजेंसी डोर, जीपीएस मॉनिटरिंग, ऑनलाइन टिकटिंग, शिकायतों के समाधान सहित कई प्रकार से मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। बस ड्राइवरों की ट्रेनिंग और सुरक्षा के प्रबंधन भी किए गए हैं। वर्ष 2029 तक सभी रूटों पर भगवा रंग की बसें दौड़ती नजर आएंगी, जो प्रमुख शहरों के साथ देश के प्रमुख तीर्थस्थलों और महानगरों तक आवागमन को सुगम बनाएंगी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बस स्टैंड, बस स्टॉप और चार्जिंग स्टेशनों के साथ सुव्यवस्थित नियंत्रण प्रणाली भी लागू की गई है।

प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त हुए बालाघाट जिले को नई सौगात मिलने जा रही है। हमारी सरकार ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और शांति के लिए चुनौती बने सभी संकटों को समाप्त किया है। हमारी सरकार ने भोपाल से यूनियन कार्बाइड के अपशिष्ट का समुचित प्रबंधन करते हुए निष्पादन किया है। प्रदेशवासियों की आशा और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सभी मंत्रीगण संकल्प के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने बिजली, पानी, सड़क और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है।

सीएम ने कांग्रेस पर साधा निशाना

इस दौरान सीएम ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में प्रदेश के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया और सड़क, पानी तथा बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर परिवारवाद को लेकर भी तंज कसा।

गडकरी बोले- गरीबों के जीवन को सरल बनाएगी सेवा

नितिन गडकरी ने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भगवान मानकर उसकी सेवा करना चाहिए। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय का स्मरण करते हुए कहा कि शुरू की गई परिवहन सेवा गरीब और आम लोगों के हित में है। उनके अनुसार आधुनिक और सुरक्षित बसें लोगों के जीवन को सरल बनाने में मदद करेंगी।

प्रदूषण कम करने पर जोर

गडकरी ने सार्वजनिक परिवहन को लोकप्रिय बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने परिवहन क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण का उल्लेख करते हुए इलेक्ट्रिक और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के देवास में इलेक्ट्रिक बसों का निर्माण हो रहा है।

अगले महीने 100 फीसदी एथनॉल वाहन का दावा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगले महीने से 100 फीसदी एथनॉल से चलने वाली गाड़ियों की शुरुआत होने जा रही है। उन्होंने देश के पेट्रोलियम आयात को कम करने और वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दिया। गडकरी ने ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इससे वाहनों को नुकसान नहीं हो रहा है।

हाईटेक तकनीक से होगी बसों की निगरानी

बता दें कि नई व्यवस्था के तहत बसों का संचालन निजी ऑपरेटरों द्वारा किया जाएगा, जबकि सरकार रूट, समय-सारणी, संचालन और यात्रियों से जुड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी। बसों की लोकेशन और संचालन पर नजर रखने के लिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (प्ज्डै), कमांड-कंट्रोल सेंटर और लाइव ट्रैकिंग जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा के लिए बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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