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नीट यूजी काउंसलिंग को लेकर सियासत तेज : स्वास्थ्य मंत्री बोले- प्रमाण पत्रों की होगी कड़ी जांच

आलोक त्रिपाठी

आलोक त्रिपाठी

Aug 24, 2026
09:51 AM
स्वास्थ्य मंत्री बोले- प्रमाण पत्रों की होगी कड़ी जांच

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नीट यूजी काउंसलिंग 2026 की प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। डोमिसाइल और अन्य दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर एनएसयूआई ने मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई है। संगठन मंगलवार को राजधानी के घड़ी चौक से नीट अभ्यर्थियों के साथ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सरकारी आवास का घेराव करने की तैयारी में है।

प्रदर्शन की तैयारी पर मंत्री का पलटवार

एनएसयूआई के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया अभी शुरू भी नहीं हुई है और कुछ लोग पहले से ही इसे विवादों में लाने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठे कुछ लोग साजिश के जरिए जेन-जी युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने इसे ‘दिमागी नक्सलवाद’ से जोड़ते हुए कहा कि युवाओं को भटकाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

एडमिशन प्रक्रिया में पहली बार राजस्व विभाग की भागीदारी

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश को लेकर पूरी तरह सतर्क है। इस बार एडमिशन प्रक्रिया में राजस्व विभाग की टीम को भी शामिल किया जाएगा। अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का गहन सत्यापन किया जाएगा और दस्तावेजों में किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के मुताबिक प्रक्रिया में किसी भी तरह की खामी या लूपहोल नहीं छोड़ा जाएगा।

मूल निवासी और कैटेगरी प्रमाण पत्र की भी होगी जांच

मेडिकल प्रवेश के दौरान दस्तावेज सत्यापन में मूल निवासी प्रमाण-पत्र के साथ-साथ कैटेगरी और संवर्ग से जुड़े प्रमाण पत्रों की भी जांच की जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे पात्र अभ्यर्थियों को ही आरक्षित या संबंधित सीटों का लाभ मिल सकेगा और फर्जी अथवा अपात्र दस्तावेजों के आधार पर प्रवेश की संभावना को रोका जा सकेगा।

पांच नए मेडिकल कॉलेजों में शुरू होगी पढ़ाई

स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के विस्तार की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में पहली बार एक साथ पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं। इसके अलावा इस वर्ष सात नए फिजियोथेरेपी कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज और 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल कोर्स शुरू किए जाने की तैयारी है। सरकार का दावा है कि इन संस्थानों के शुरू होने से प्रदेश में मेडिकल और पैरामेडिकल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे।

आलोक त्रिपाठी
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आलोक त्रिपाठी

खबरों की खोज जारी है। ग्राउंड रिपोर्टिंग में दिलचस्पी। मध्य प्रदेश की खबरनवीसी का खास शौक।

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