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दिल्ली दंगा 2020 : आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन को आजीवन कारावास, चार और दोषियों को भी उम्रकैद, जानें क्या है पूरा मामला

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 31, 2026
11:13 AM
आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन को आजीवन कारावास, चार और दोषियों को भी  उम्रकैद, जानें क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली। वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के बहुचर्चित मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व आम आदमी पार्टी पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने आरोपियों को हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा का आदेश दिया। यह फैसला दिल्ली दंगों से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में से एक माना जा रहा है।

सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा कि यह बेहद गंभीर घटना थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यह ऐसा मामला था जिसने पूरे समाज को झकझोर दिया। अदालत ने यह भी कहा कि जिस तरह पूरी घटना सामने आई, उसने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया. सजा पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने ताहिर हुसैन समेत सभी दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की थी. हालांकि अदालत ने सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

हत्या समेत कई धाराओं में दोषी, कुछ आरोपों से मिली राहत

कोर्ट ने ताहिर हुसैन को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या), 365, 147, 148, 149, 153ए और 188 के तहत दोषी करार दिया। हालांकि, अदालत ने उन्हें आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) और 129 के आरोपों से बरी कर दिया। इस मामले में ताहिर हुसैन, नाजिम और कासिम को छोड़कर अन्य तीन आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। ताहिर हुसैन की जमानत याचिका सितंबर 2025 में दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी।

नाले से मिला था अंकित शर्मा का शव

यह मामला दयालपुर थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। अंकित शर्मा के पिता ने अपने बेटे के लापता होने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। दंगों के दौरान अंकित अचानक गायब हो गए थे। बाद में उनका शव एक नाले से बरामद हुआ। पुलिस ने शव को जीटीबी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और मामले की जांच के बाद कई लोगों के खिलाफ आरोप तय किए गए।

क्या था पूरा मामला?

24 फरवरी 2020 को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर समर्थकों और विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच हिंसा भड़क गई थी। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक झड़पों में कम से कम 53 लोगों की मौत हुई थी, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इसी दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा लोगों को शांत रहने और कानून अपने हाथ में न लेने की अपील कर रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान उन्हें पकड़ लिया गया, उनकी हत्या कर दी गई और शव को नाले में फेंक दिया गया।

कौन हैं ताहिर हुसैन?

ताहिर हुसैन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के पौरारा गांव के निवासी हैं। वर्ष 2017 में उन्होंने आम आदमी पार्टी के टिकट पर नगर निगम चुनाव जीतकर पार्षद का पद हासिल किया था। चुनावी हलफनामे के अनुसार उन्होंने करोड़ों रुपये की संपत्ति घोषित की थी। वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों में उनका नाम सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। अब अदालत द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा के बाद इस बहुचर्चित मामले में न्यायिक प्रक्रिया का एक अहम चरण पूरा हो गया है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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