बॉक्सिंग रिंग में गूंजा तिरंगा : भारतीय भारतीय ने लगाई गोल्ड की हैट्रिक, कुश्ती में सुजीत ने सोने पर लगाया सुनहरा दांव
निशियो। आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 का 13वां दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए यादगार बन गया। एक ही दिन में भारत की झोली में चार गोल्ड मेडल आए हैं। भारतीय मुक्केबाजों ने जहां तीन स्वर्ण पदक जीते। वहीं में भारत को गोल्ड मिला। भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा और अंकुश पंघल ने अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में शानदार खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इसके बाद कुश्ती में सुजीत कलकल ने भी रोमांचक वापसी करते हुए भारत के खाते में एक और स्वर्ण जोड़ दिया। इस जीत के बाद एशियन गेम्स में भारत 15 स्वर्ण पदक अपने कर चुका है।
लवलीना और परवीन ने खत्म किया लंबा इंतजार
महिला मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलोग्राम वर्ग में दमदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। वहीं परवीन हुड्डा ने 65 किलोग्राम वर्ग में खिताबी मुकाबला अपने नाम किया। दोनों की जीत इसलिए भी खास रही, क्योंकि भारतीय महिला मुक्केबाजों को एशियन गेम्स में स्वर्ण के लिए लंबे समय से इंतजार था।
इन दोनों की उपलब्धि ने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स की याद भी ताजा कर दी, जब दिग्गज एमसी मैरी कॉम ने 51 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। लवलीना और परवीन की जीत के साथ भारतीय महिला मुक्केबाजी ने एक बार फिर एशियाई मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
अंकुश पंघल ने भी रचा नया इतिहास
महिला मुक्केबाजों की सफलता के बाद पुरुष वर्ग में अंकुश पंघल ने भी भारत का परचम लहराया। उन्होंने 80 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया।
अंकुश की जीत के साथ भारतीय पुरुष मुक्केबाजी में भी एक खास उपलब्धि दर्ज हुई। 2018 में अमित पंघल के स्वर्ण पदक जीतने के बाद अंकुश एशियन गेम्स में स्वर्ण हासिल करने वाले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बने। इस तरह एक ही दिन भारत ने मुक्केबाजी में तीन स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
सुजीत कलकल की अविश्वसनीय वापसी
मुक्केबाजी की सफलता के बीच कुश्ती के अखाड़े से भी भारत के लिए बड़ी खुशखबरी आई। सुजीत कलकल ने मुकाबले के अंतिम पलों में जबरदस्त वापसी करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
ताजिकिस्तान के पहलवान के खिलाफ मुकाबले में सुजीत एक समय 6-9 से पीछे चल रहे थे। ऐसा लग रहा था कि मुकाबला हाथ से निकल सकता है, लेकिन भारतीय पहलवान ने आखिरी क्षणों में शानदार दांव लगाकर बाजी पलट दी। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी को उठाकर दो बार मैट पर पटका और स्कोर 10-9 करते हुए मुकाबला जीत लिया।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
