भारत-अफगानिस्तान टेस्ट : गौतम ने अपनी गंभीर रणनीति का किया खुलासा, साई सुदर्शन की जमकर की तरफदारी, पंत की भूमिका पर भी बोले हेड कोच

मुल्लांपुर। टीम इंडिया को शनिवार से अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट मैच खेलना है। इससे पहले टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने टीम चयन और भविष्य की रणनीति को लेकर बड़ा खुलासा किया है। प्रेस काॅन्फ्रेंस के दौरान गंभीर ने न्यूजीलैंड और श्रीलंका दौरे को लेकर भी बड़ा संकेत दिया।
अफगानिस्तान के खिलाफ कल से शुरू हो रहे टेस्ट को लेकर अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए गंभीर ने कहा कि नंबर-3 की दौड़ में फिलहाल साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल से आगे चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी का सही आकलन तभी संभव है जब उसे लंबा और लगातार अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन को टेस्ट क्रिकेट में नंबर-3 पर अभी तक पर्याप्त मौके नहीं मिले हैं और टीम प्रबंधन उन्हें इस महत्वपूर्ण स्थान पर लगातार आजमाने के पक्ष में है।

साई सुदर्शन हाल के समय में भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद युवा बल्लेबाजों में उभरे हैं। घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में उनके लगातार रन बनाने के प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। आईपीएल में उनके 722 रनों के शानदार प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए गंभीर ने कहा कि वह खराब फॉर्म में नहीं हैं और उन्हें खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।
श्रीलंका दौरे पर स्पिन गेंदबाजों पर फोकस
गंभीर ने आगामी श्रीलंका दौरे की रणनीति पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि अगस्त में होने वाले इस दौरे के लिए टीम इंडिया चार स्पिन गेंदबाजों को तैयार करने की योजना बना रही है। श्रीलंका की पिचें पारंपरिक रूप से स्पिनरों के लिए मददगार मानी जाती हैं, ऐसे में टीम पहले से ही स्पिन विभाग को मजबूत करने पर काम कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि टीम मैनेजमेंट परिस्थितियों के अनुसार अतिरिक्त विकल्पों के साथ उतरना चाहता है। बाएं हाथ के स्पिनरों मानव सुथार और हर्ष दुबे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों की शैली में समानता है, लेकिन उनकी गेंदबाजी की रिलीज पॉइंट अलग-अलग हैं, जो टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
गंभीर ने स्पष्ट किया कि श्रीलंका दौरा चैथे स्पिनर की पहचान करने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर होगा, क्योंकि टीम वहां अधिक स्पिन आधारित रणनीति अपनाएगी।
न्यूजीलैंड दौरे को लेकर भी खास तैयारी
मुख्य कोच ने आगे बताया कि टीम प्रबंधन अब आने वाले विदेशी दौरों को ध्यान में रखकर दीर्घकालिक योजना पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका और न्यूजीलैंड की परिस्थितियां पूरी तरह अलग हैं, इसलिए रणनीति भी अलग-अलग होगी।
न्यूजीलैंड दौरे का जिक्र करते हुए गंभीर ने कहा कि वहां की तेज और उछाल वाली पिचों को देखते हुए टीम को विशेष तैयारी करनी होगी। इसके लिए कुछ ऐसे खिलाड़ियों को भी शामिल किया जाएगा जो सीमित ओवरों के साथ-साथ टेस्ट क्रिकेट में भी योगदान दे सकते हैं।

पंत की भूमिका को लेकर भी गंभीर ने स्पष्ट की स्थिति
ऋषभ पंत की टेस्ट टीम में भूमिका को लेकर भी गंभीर ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि टीम को पंत की आक्रामक बल्लेबाजी शैली से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को मैच की परिस्थिति को समझकर खेलना जरूरी होता है।
पंत को उपकप्तानी से हटाए जाने पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह निर्णय टीम संतुलन और रणनीति का हिस्सा है। गंभीर ने यह भी जोड़ा कि वह चाहते हैं कि पंत अपने स्वाभाविक खेल को जारी रखें, लेकिन साथ ही परिस्थिति के अनुसार अपने शॉट चयन में समझदारी दिखाएं।
कुल मिलाकर, गंभीर के इस बयान से साफ है कि टीम इंडिया युवा खिलाड़ियों को लंबा मौका देने, स्पिन विभाग को मजबूत करने और विदेशी दौरों के लिए विशेष रणनीति बनाने पर गंभीरता से काम कर रही है।
admin
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
