भारतीय बैडमिंटन स्टार का फिर टूटा खिताबी सपना : यूएस ओपन फाइनल में सु ली-यांग के सामने नहीं टिके श्रीकांत, सात साल का इंतजार और बढ़ा

फुलर्टन। भारतीय बैडमिंटन स्टार किदांबी श्रीकांत का बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीतने का लंबा इंतजार एक बार फिर अधूरा रह गया। यूएस ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में श्रीकांत ने चीनी ताइपे के सु ली-यांग के खिलाफ शानदार संघर्ष किया, लेकिन निर्णायक गेम में वह अपनी लय कायम नहीं रख सके। एक घंटे नौ मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में उन्हें 15-21, 21-16 और 9-21 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ 2017 के फ्रेंच ओपन के बाद पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीतने की उनकी उम्मीद फिर टूट गई।
पहले पिछड़े, फिर की दमदार वापसी
33 वर्षीय श्रीकांत ने मुकाबले की शुरुआत धीमी की। पहले गेम में सु ली-यांग ने शुरुआती बढ़त बनाते हुए मैच पर पकड़ मजबूत कर ली। हालांकि श्रीकांत ने 10-10 तक स्कोर बराबर कर मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन इसके बाद लगातार अंक गंवाने से पहला गेम 15-21 से हार गए।
दूसरे गेम में दिखाई पुरानी आक्रामकता
दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने शानदार वापसी की। शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर रही, लेकिन इसके बाद श्रीकांत ने लगातार अंक जुटाकर बढ़त बना ली। उन्होंने 21-16 से गेम जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया और खिताब की उम्मीदें फिर जगा दीं।
निर्णायक गेम में थकान पड़ी भारी
तीसरे और निर्णायक गेम में दूसरे गेम की मेहनत का असर साफ दिखाई दिया। श्रीकांत की गति धीमी पड़ गई और सु ली-यांग ने इसका पूरा फायदा उठाया। चीनी ताइपे के खिलाड़ी ने लगातार अंक बटोरते हुए मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया और 21-9 से गेम जीतकर अपना पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब अपने नाम कर लिया।
हार के बाद भी नहीं टूटा श्रीकांत का हौसला
फाइनल में हार के बावजूद श्रीकांत ने अपने प्रदर्शन पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि उनकी मेहनत सही दिशा में जा रही है और अब सिर्फ अहम मौकों पर बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत है। वहीं, चैंपियन बने सु ली-यांग ने अपनी जीत को यादगार बताते हुए कहा कि इस खिताब के लिए उन्होंने लंबे समय तक कड़ी मेहनत की थी और भविष्य में भी ऐसे कई खिताब जीतने का विश्वास रखते हैं।
यूएस ओपन में फाइनल तक का सफर तय कर श्रीकांत ने अपनी फॉर्म में वापसी के संकेत जरूर दिए, लेकिन खिताब से एक कदम दूर रह जाने की कसक इस बार भी उनके साथ रह गई।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
