छत्तीसगढ़ सरकार : छुट्टी पर गए, तो खैर नहीं...कर्मचारियों के अवकाश पर लगा प्रतिबंध, जनगणना और सुशासन तिहार की तैयारी करो

रायपुर:छत्तीसगढ़ में अब कर्मचारियों को एक दो नहीं बल्कि पूरे तीन महीने छुट्टी नहीं मिलेगी.जी हां इसे लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिया गया है. छत्तीसगढ़ सरकार ने यह फैसला सुशासन तिहार और जनगणना को देखते हुए लिया है. दरअसल, सुशासन तिहार के दौरान आम जनता की समस्याओं का निराकरण और योजनाओं का क्रियान्वयन प्राथमिकता में रहेगा. जिसको लेकर सीएम विष्णुदेव साय मीडिया के जरिए जनता को जशपुर दौरे के दौरान जानकारी दी थी.

वहीं जनगणना जैसे राष्ट्रीय स्तर के कार्य में भी राज्य के कर्मचारियों की बड़ी भूमिका होगी.ऐसे में कर्मचारियैं की अधिकतम उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि इन कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए. सरकार ने साफ कर दिया है कि कोई भी शासकीय सेवक बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के अवकाश पर नहीं जा सकता. यदि कोई कर्मचारी बिना पूर्व स्वीकृति के कार्यालय से अनुपस्थित पाया जाता है, तो इसे स्वैच्छिक अनुपस्थिति माना जाएगा. इसका सीधा असर उसकी सेवा पर पड़ेगा, क्योंकि इसे “ब्रेक इन सर्विस” (सेवा में व्यवधान) के रूप में दर्ज किया जा सकता है. यह स्थिति कर्मचारी के करियर और भविष्य की सुविधाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है. बतादें कि अगर किसी कर्मचारी को अचानक अवकाश यानी आकस्मिक अवकाश लेना पड़ता है, तो इसके लिए भी नियम सखत बनाए गए हैं. कर्मचारी को पहले से डिजिटल माध्यम से सूचना देना अनिवार्य होगा.

इसके अलावा कार्यालय लौटने के बाद इसकी लिखित पुष्टि भी देनी होगी. 21 अप्रैल 2026 को अलग अलग जिलों में कलेक्टर ने आदेश जारी किया था। अब इसके बाद राज्य सरकार के उप सचिव अंशिका ऋषि पाण्डेय ने सभी जिलों के लिए आदेश जारी किए है। जिसके अनुसार मकान सूचीकरण एवं गणना 1 मई से 30 मई तक संचालित होना है साथ ही साथ सुशासन तिहार का भी आयोजन होगा । जिसके चलते सरकार ने ये फैसला लिया है।
नीलम अहिरवार
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