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जनगणना अधिकारी या साइबर ठग! : जनगणना अधिकारी कभी बैंक खाते की जानकारी नहीं पूछते, छोटी सी गलती बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है!

नीलम अहिरवार

नीलम अहिरवार

Apr 20, 2026
12:14 PM
जनगणना अधिकारी कभी बैंक खाते की जानकारी नहीं पूछते, छोटी सी गलती बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है!

देश: सावधान! अगर कोई आपके दरवाजे पर दस्तक दे और खुद को जनगणना अधिकारी बता रहा है…और आपसे बैंक, पैसा या निजी जानकारी पूछ रहा है… तो तुरंत अलर्ट हो जाइए! क्योंकि देश में जनगणना की तैयारियों के बीच…अब साइबर ठग भी एक्टिव हो चुके हैं।  जनगणना का पहला चरण—हाउसलिस्टिंग ऑपरेशन… देश की भविष्य की योजनाओं और विकास की नींव तय करता है। लेकिन इसी अहम प्रक्रिया का फायदा उठाकर… ठग लोगों की निजी जानकारी चुराने की कोशिश कर रहे हैं।जानकारी के लिए बतादेंकि 

 

-जनगणना अधिकारी कभी बैंक खाते की जानकारी नहीं पूछते

-निवेश, सोना-चांदी जैसी निजी जानकारी नहीं लेते

-कोई भी अधिकारी आपसे OTP या लिंक नहीं मांगेगा

--किसी के कहने पर अनजान लिंक क्लिक न करें

-संदिग्ध कॉल या मैसेज से तुरंत सावधान रहें

-अनजान नंबर से आए वीडियो कॉल/QR कोड स्कैन करने से बचें

-आधार, पैन की फोटो किसी अनजान व्यक्ति को न भेजें

-सोशल मीडिया पर पर्सनल जानकारी पब्लिक न रखें

- “जनगणना के नाम पर ठगी…एक क्लिक में खाता खाली!”

 अगर कोई जनगणना के नाम पर आपसे निजी जानकारी मांगता है…तो सतर्क रहें और तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत करें। अगर शक हो तो नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत करें..वहीं आपकी जागरूकता ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है। 

जनगणना अधिकारी या साइबर ठग?एक छोटी सी जांच आपको बचा सकती है!

अब आपको मन में ये सवाल जरूर आया होगा कि आप कैसे असली जनगणना अधिकारी या फ्रॉड साइवर व्यक्ति को पहचान सकते हैं.इसके लिए हम आपको कुछ प्लाइंट बता रहे हैं जिससे आप काफी हद तक असली नकली में फर्क कर सकते हैं

कैसे पहचानें असली जनगणना अधिकारी-

ऑफिशियल ID कार्ड जरूर होगा उस पर फोटो, नाम, सरकारी मुहर  और विभाग का नाम साफ दिखेगा 

-पहले से सूचना मिलती है कई जगह स्थानीय प्रशासन/पंचायत/नगर निगम पहले ही जानकारी दे देता है 

घर पर आकर सर्वे करते हैं- फोन, व्हाट्सऐप या सोशल मीडिया पर डेटा नहीं लेते 

सिर्फ बेसिक जानकारी पूछते हैं-जैसे परिवार के सदस्य, उम्र, शिक्षा, रोजगार,लेकिन बैंक, OTP, निवेश, सोना-चांदी जैसी बातें नहीं पूछते 

सरकारी ऐप या फॉर्म का इस्तेमाल करते हैं कोई पर्सनल मोबाइल नंबर या निजी ऐप नहीं देते 

जानकारी के लिए बतादेंकि भारत की 16वीं जनगणना (जनगणना 2027) 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है…और ये पूरी तरह डिजिटल तरीके से दो चरणों में होगी, जिसमें स्व-गणना और जाति आधारित गणना शामिल है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच नागरिक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं यह आज़ादी के बाद 8वीं जनगणना है, जो https://se.census.gov.in पोर्टल पर 33 सवालों के साथ 15 दिन पहले ही घर बैठे भरी जा सकती है और ये इच्छिक है.जनगणना2027 की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी. पहली बार डेटा मोबाइल के माध्यम से दर्ज किया जाएगा.इसकी निगरानी भी डिजिटल सिस्टम से की जाएगी.अब क्यों जरूरी है यह जनगणना? ये भी जान.लिजिए दरअसल जनगणना की यह पहली चरण (हाउसलिस्टिंग ऑपरेशन) देश में भविष्य की योजनाओं, कल्याण कार्यक्रमों और विकास कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है। सही आंकड़ों के बिना सरकार को सही योजना बनाना मुश्किल होता है लेकिन “याद रखिए.जनगणना के नाम पर अगर कोई आपकी जेब तक पहुंचने की कोशिश करे, तो समझ जाइए वो अधिकारी नहीं, ठग है!” 


नीलम अहिरवार
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नीलम अहिरवार

17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।

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