मध्यप्रदेश कांग्रेस में संगठन पर मंथन तेज : कई जिलाध्यक्षों की कुर्सी खतरे में

भोपाल: मध्यप्रदेश में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। हाल ही में हुई समीक्षा बैठकों में कई जिलाध्यक्षों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व एक्शन मोड में नजर आ रहा है।
संगठनात्मक समीक्षा के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय पदाधिकारी चाल्ला वामशी चंद रेड्डी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जिलाध्यक्षों के कामकाज का आकलन किया।
इन जिलों पर हो सकती है कार्यवाही अलीराजपुर, डिंडोरी, रतलाम शहर, हरदा, मऊगंज, सिंगरौली, ग्वालियर ग्रामीण, इंदौर शहर, अशोकनगर, सतना, उमरिया, नर्मदापुरम और मंडला जिलों का प्रदर्शन कमजोर पाया गया है। इन जिलों की विस्तृत रिपोर्ट दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को भेज दी गई है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि जल्द ही कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिलाध्यक्षों को हटाकर नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। कांग्रेस अब संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए सख्त फैसले लेने के मूड में है।
आलोक त्रिपाठी
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