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एक हफ्ते में 20 रुपए तक महंगा हुआ प्याज : रायपुर में महंगाई का झटका! प्याज ₹55 और शक्कर ₹71 किलो तक पहुंची, त्योहारों से पहले बढ़ी चिंता

नीलम अहिरवार

नीलम अहिरवार

Aug 23, 2026
07:50 AM
रायपुर में महंगाई का झटका! प्याज ₹55 और शक्कर ₹71 किलो तक पहुंची, त्योहारों से पहले बढ़ी चिंता

रायपुर। त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ता नजर आ रहा है। रसोई गैस की कीमतों और किल्लत से राहत मिलने के बाद अब प्याज और शक्कर के बढ़ते दामों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रायपुर के बाजार में प्याज की कीमतों में महज एक सप्ताह के भीतर 15 से 20 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं शक्कर का भाव भी करीब 71 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है।

बढ़ती कीमतों का असर सिर्फ घरेलू बजट पर ही नहीं, बल्कि होटल, रेस्टोरेंट, भोजनालय और मिठाई कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। कारोबारियों का कहना है कि अगर कीमतों में तेजी आगे भी जारी रही तो आने वाले त्योहारों में ग्राहकों को ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।

एक हफ्ते में 20 रुपए तक महंगा हुआ प्याज

रायपुर के खुदरा बाजार में प्याज की कीमतों में अचानक तेजी देखने को मिली है। करीब एक सप्ताह पहले प्याज 35 से 40 रुपए प्रति किलो बिक रहा था, जो अब बढ़कर 50 से 55 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। वहीं थोक बाजार में भी प्याज के भाव में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां प्याज करीब 25-26 रुपए किलो बिक रहा था, वहीं अब इसका थोक भाव बढ़कर 40-42 रुपए किलो तक पहुंच गया है।

प्याज के दाम

  • खुदरा बाजार में पहले: ₹35-40/kg

  • अब खुदरा भाव: ₹50-55/kg

  • थोक बाजार में पहले: ₹25-26/kg

  • अब थोक भाव: ₹40-42/kg

कमजोर फसल और खराब स्टॉक से बढ़ी कीमत

थोक कारोबारियों के मुताबिक इस साल प्याज की फसल अपेक्षाकृत कमजोर रही है। कुछ इलाकों में फसल में रोग लगने के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसके अलावा पुराने स्टॉक का कुछ हिस्सा खराब होने और बारिश के चलते प्याज की आवक प्रभावित होने से बाजार में उपलब्धता कम हुई है।

कारोबारियों के अनुसार महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र से प्याज की प्रमुख आवक होती है। सितंबर में दक्षिण भारत से नई आवक शुरू होने के बाद बाजार में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं नवंबर-दिसंबर में नई फसल की आवक बढ़ने पर प्याज की कीमतों में और कमी आने की संभावना जताई जा रही है।

होटल-रेस्टोरेंट की लागत पर भी असर

प्याज के बढ़ते दामों का असर होटल, रेस्टोरेंट और भोजनालय कारोबार पर भी पड़ने लगा है। कई सब्जियों और व्यंजनों में प्याज प्रमुख सामग्री के तौर पर इस्तेमाल होता है। ऐसे में प्याज की कीमतों में लगातार तेजी से भोजन तैयार करने की लागत बढ़ सकती है।

कारोबारियों का कहना है कि यदि महंगाई का दबाव इसी तरह बना रहा तो आने वाले समय में मेन्यू की कीमतों में भी बदलाव करना पड़ सकता है।

शक्कर 71 रुपए किलो तक पहुंची

प्याज के साथ शक्कर के दामों में भी तेजी देखने को मिल रही है। रायपुर में शक्कर का भाव करीब 71 रुपए किलो तक पहुंच गया है। त्योहारों का सीजन नजदीक होने के कारण शक्कर की कीमत बढ़ने का सीधा असर मिठाई कारोबार पर पड़ सकता है।

मिष्ठान कारोबारियों के मुताबिक शक्कर महंगी होने के साथ-साथ काजू, बादाम और अन्य सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी से मिठाई बनाने की लागत पहले ही बढ़ी हुई है। यदि शक्कर के दाम आगे भी बढ़ते हैं तो त्योहारों के दौरान मिठाइयों की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है।

दालों की कीमतों पर भी दबाव

प्याज और शक्कर के अलावा दालों की कीमतों पर भी महंगाई का दबाव बना हुआ है। कमजोर मानसून और कम बुवाई के चलते चना, अरहर और उड़द जैसी दालों के भाव में कुछ बाजारों में 4 से 6 रुपए प्रति किलो तक बढ़ोतरी की बात सामने आई है।

हालांकि स्थानीय थोक कारोबारियों के मुताबिक फिलहाल दालों की कीमतों में कोई बड़ी तेजी नहीं आई है। बाजार में आगे आवक और उत्पादन की स्थिति पर दामों की दिशा निर्भर करेगी।

जमाखोरी और मुनाफाखोरी से कारोबारियों का इनकार

बढ़ती कीमतों के बीच थोक कारोबारियों ने जमाखोरी और मुनाफाखोरी के आरोपों से इनकार किया है। कारोबारियों का कहना है कि प्याज की कमजोर फसल, पुराने स्टॉक का खराब होना, बारिश और आवक में कमी कीमत बढ़ने की प्रमुख वजहें हैं।

कारोबारियों को उम्मीद है कि नई फसल आने और बाजार में आवक बढ़ने के साथ कीमतों में राहत मिल सकती है।

त्योहारों से पहले बढ़ी आम आदमी की चिंता

त्योहारों का सीजन नजदीक है और ऐसे समय में प्याज, शक्कर, दालों और मिठाई बनाने वाली अन्य सामग्री के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। फिलहाल लोगों को राहत के लिए नई फसल और बाजार में बढ़ने वाली आवक का इंतजार है। अगर सितंबर से आवक में सुधार होता है और नवंबर-दिसंबर में नई फसल बाजार में पर्याप्त मात्रा में आती है, तो प्याज की कीमतों में कमी की उम्मीद है। लेकिन तब तक प्याज के बढ़ते दाम और महंगी होती मिठाई त्योहारों की खरीदारी पर असर डाल सकती है।

नीलम अहिरवार
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नीलम अहिरवार

17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।

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