ईशा सिंह : डार्क साइकोलॉजिकल थ्रिलर से लेकर मानसिक संतुलन तक, अभिनेत्री ने साझा किया अपने अनुभव और सोच

मुंबई की टेलीविजन इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री ईशा सिंह इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘ऑब्सेस’ को लेकर चर्चा में हैं। यह फिल्म एक डार्क और सस्पेंस से भरी साइकोलॉजिकल थ्रिलर है, जिसका ट्रेलर पहले ही दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ा चुका है। फिल्म में निभाए गए अपने चुनौतीपूर्ण किरदार को लेकर ईशा ने हाल ही में अपने अनुभव साझा किए।
ईशा सिंह का कहना है कि अभिनय के दौरान एक कलाकार के लिए सबसे जरूरी बात यह समझना है कि कब किरदार में पूरी तरह प्रवेश करना है और कब उससे बाहर निकलना है। उनके अनुसार, “एक एक्टर को यह साफ पता होना चाहिए कि कैमरे के सामने कब वह किरदार में है और शूट खत्म होने के बाद कब खुद की असल पहचान में लौटना है।”
उन्होंने आगे बताया कि कुछ किरदार इतने गहरे और भावनात्मक होते हैं कि वे कलाकार को मानसिक रूप से प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन ‘ऑब्सेस’ के सेट पर माहौल बेहद सहयोगी और सकारात्मक था। उनके सहकर्मी और टीम लगातार उनका ध्यान रखते थे, जिससे वह किरदार का बोझ अपने साथ घर नहीं ले गईं।
फिल्म की थीम पर बात करते हुए ईशा ने आज के समय में बढ़ते टॉक्सिक अटैचमेंट और जुनूनी व्यवहार पर भी विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यवहार नए नहीं हैं, बल्कि सोशल मीडिया के आने से वे ज्यादा तेजी और स्पष्टता से सामने आते हैं। अब हर घटना तुरंत लोगों तक पहुंच जाती है, जिससे उसकी तीव्रता और प्रभाव बढ़ा हुआ दिखाई देता है।
ईशा ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलू हैं, और ‘ऑब्सेस’ इन्हीं जटिल भावनाओं की कई परतों को उजागर करती है। उन्होंने निर्देशक पीटर का एक विचार भी साझा किया कि हर इंसान के भीतर अच्छाई और बुराई दोनों मौजूद होती हैं, और यह हम पर निर्भर करता है कि कौन सा पक्ष हावी होता है।
अंत में ईशा ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शूटिंग के दौरान कलाकार अक्सर एक अलग दुनिया में जीते हैं, लेकिन काम खत्म होने के बाद उस दुनिया से बाहर निकलना बेहद जरूरी है, ताकि मानसिक संतुलन बना रहे।
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