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रश्मिका मंदाना के सपोर्ट में उतरीं मधु : किया बड़ा खुलासा! अपने संघर्ष के दिनों को याद कर भावुक हुईं एक्ट्रेस

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Oct 26, 2026
06:00 AM
किया बड़ा खुलासा! अपने संघर्ष के दिनों को याद कर भावुक हुईं एक्ट्रेस

मुंबई। अभिनेत्री रश्मिका मंदाना इन दिनों अपने साउथ इंडियन एक्सेंट को लेकर दिए गए बयान के कारण चर्चा में हैं। अब अभिनेत्री मधु उनके समर्थन में सामने आई हैं। मधु ने रश्मिका के आत्मविश्वास और अपनी पहचान को गर्व के साथ स्वीकार करने के अंदाज की जमकर तारीफ की है। इसके साथ ही उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपने शुरुआती दिनों के संघर्ष को भी याद किया, जब वह अपने उच्चारण को लेकर काफी परेशान रहती थीं।

रश्मिका के जवाब ने जीता मधु का दिल

दरअसल, फिल्ममेकर करण जौहर के चर्चित टॉक शो ‘कॉफी विद करण’ में रश्मिका मंदाना ने अपने एक्सेंट, भाषा और अभिनय को लेकर होने वाली ट्रोलिंग पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि वह साउथ इंडियन हैं और उनके बोलने के तरीके में उनका क्षेत्रीय उच्चारण स्वाभाविक रूप से नजर आएगा।

रश्मिका की इसी बेबाकी से मधु काफी प्रभावित हुईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए अभिनेत्री की तारीफ की। मधु ने कहा कि उन्हें यह देखकर अच्छा लगा कि रश्मिका आलोचनाओं को गंभीरता से लेने के बजाय हंसकर स्वीकार करती हैं और अपनी पहचान को लेकर सहज रहती हैं।

'एक्सेंट पकड़ में न आए, इसलिए करती थी ज्यादा मेहनत'

रश्मिका की तारीफ करते हुए मधु ने अपने करियर के शुरुआती दौर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब साउथ इंडियन होने के कारण उन्हें भी लोगों के जजमेंट का डर सताता था।

मधु के मुताबिक, वह अपने उच्चारण को लेकर इतनी चिंतित रहती थीं कि हिंदी सुधारने के लिए उन्होंने उर्दू की टीचर रखने की कोशिश की। वह अपनी भाषा पर लगातार मेहनत करती थीं, ताकि बोलते समय उनके एक्सेंट को लेकर कोई उनकी आलोचना न करे।

अभिनेत्री ने बताया कि अगर उनकी आवाज में थोड़ा-सा भी साउथ इंडियन एक्सेंट सुनाई देता था, तो वह घबरा जाती थीं। वहीं, जब कोई उनकी हिंदी की तारीफ करता था, तो उन्हें काफी गर्व महसूस होता था।

30-35 साल बाद अपनी पहचान पर हुआ गर्व

मधु ने कहा कि आज उन्हें साउथ इंडियन होने पर गर्व है। अब अगर उनकी हिंदी में कोई गलती हो जाती है या उनके बोलने के तरीके में क्षेत्रीय उच्चारण झलकता है, तो उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं होती। हालांकि, इस आत्मविश्वास तक पहुंचने में उन्हें 30 से 35 साल लग गए।

रश्मिका के लिए शुभकामनाएं देते हुए मधु ने कहा कि उन्हें अभिनेत्री का अपनी पहचान को अपनाना और आलोचनाओं का सामना हंसते हुए करना बेहद पसंद आया। उन्होंने रश्मिका को इसी तरह आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते रहने की सलाह दी और उन्हें सच्चा स्टार बताया।

मधु का यह संदेश सिर्फ रश्मिका के समर्थन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किसी कलाकार की पहचान और उसकी भाषा उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी खासियत हो सकती है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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