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चार साल की उम्र से सुरों का सफर : तबस्सुम बनीं सुनिधि चौहान की ‘गॉडमदर’; KBC में सुनाया जिंदगी बदल देने वाला किस्सा, अमिताभ बच्चन के साथ ‘रंग बरसे’ ने भी लूटी महफिल

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 22, 2026
06:03 AM
तबस्सुम बनीं सुनिधि चौहान की ‘गॉडमदर’; KBC में सुनाया जिंदगी बदल देने वाला किस्सा, अमिताभ बच्चन के साथ ‘रंग बरसे’ ने भी लूटी महफिल

मुंबई। अपनी दमदार आवाज और शानदार गायकी से संगीत की दुनिया में खास पहचान बनाने वाली सुनिधि चौहान के करियर की शुरुआत किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। बचपन से ही संगीत के प्रति जुनून रखने वाली सुनिधि ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि दिग्गज अभिनेत्री और टीवी होस्ट तबस्सुम ने उनके सपनों को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई थी। ‘कौन बनेगा करोड़पति-18’ में उन्होंने अपने शुरुआती सफर से जुड़े कई अनसुने किस्से साझा किए।

चार साल की उम्र में शुरू हुआ संगीत से रिश्ता

शो में गीतकार प्रसून जोशी के साथ पहुंचीं सुनिधि ने बताया कि उन्होंने महज चार साल की उम्र से गाना शुरू कर दिया था। उस वक्त गायकी उनके लिए केवल शौक और जुनून थी, लेकिन धीरे-धीरे यही उनकी जिंदगी और पेशा बन गया। उन्होंने बताया कि बचपन में एक कार्यक्रम के दौरान तबस्सुम ने उन्हें गाते हुए सुना। उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर तबस्सुम ने सुनिधि को मुंबई आने के लिए कहा। यही मुलाकात आगे चलकर उनके करियर का अहम मोड़ साबित हुई।

तबस्सुम ने खोला मुंबई का रास्ता

सुनिधि के मुताबिक, तबस्सुम ने उन्हें अपने घर बुलाया और उनकी गायकी सुनी। इसके बाद उन्होंने सुनिधि को दिग्गज संगीतकार कल्याणजी से मिलवाया। उस दौर को याद करते हुए सुनिधि ने बताया कि शुरुआती दिन आसान नहीं थे और उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा।

कल्याणजी ने भी उनकी प्रतिभा को गंभीरता से लिया। सुनिधि ने बताया कि उन्होंने केवल एक-दो गीत नहीं सुने, बल्कि करीब आधे से पौने घंटे तक उनके कई गाने सुने। इसके बाद उन्होंने सुनिधि को प्रोत्साहित किया और संकेत दिया कि अब उनका सफर दिल्ली लौटने वाला नहीं है।

KBC में अमिताभ के साथ सुरों की जुगलबंदी

एपिसोड में सुनिधि चौहान ने सिर्फ अपने संघर्ष की कहानी ही नहीं सुनाई, बल्कि एक यादगार संगीत पल भी बनाया। उन्होंने अमिताभ बच्चन से लोकप्रिय गीत ‘रंग बरसे’ की कुछ पंक्तियां गाने का आग्रह किया। अमिताभ बच्चन ने उनकी फरमाइश स्वीकार कर ली और अपनी खास आवाज में गीत गाया। सुनिधि ने भी उनके साथ सुर मिलाए। दोनों की यह जुगलबंदी देखते ही स्टूडियो का माहौल खुशनुमा हो गया।

एक मुलाकात ने बदल दी पूरी जिंदगी

सुनिधि की कहानी यह बताती है कि प्रतिभा के साथ सही समय पर मिला मार्गदर्शन किसी कलाकार की पूरी जिंदगी बदल सकता है। तबस्सुम की एक पहल ने सुनिधि को मुंबई और कल्याणजी तक पहुंचाया और यहीं से उनके बड़े संगीत सफर की नींव मजबूत हुई।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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