लंदन जाने वाली थीं दिशा वकानी… : एक सलाह ने बदल दी किस्मत, बन गईं ‘दयाबेन’

Entertenment desk | आज घर-घर में दयाबेन के नाम से पहचानी जाने वाली दिशा वकानी शायद ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ का हिस्सा नहीं बनतीं। एक वक्त ऐसा था, जब दिशा के सामने शो और लंदन जाने के बीच चुनाव करने की स्थिति थी। लेकिन उनकी किस्मत बदलने वाली सलाह उन्हें मशहूर अभिनेत्री अपरा मेहता ने दी थी। अपरा मेहता ने दिशा को लंदन का दौरा छोड़कर ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ चुनने की सलाह दी।

दिशा वकानी ने अपरा मेहता को बताई थी अपनी दुविधा
अपरा मेहता के मुताबिक, दिशा वकानी उस समय ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के लिए शॉर्टलिस्ट हो चुकी थीं। इसी दौरान एक ड्रामा के सिलसिले में उनका लंदन टूर भी तय था। दिशा ने जब यह दुविधा अपरा मेहता को बताई, तो अपरा ने उन्हें साफ सलाह दी कि वह लंदन जाने के बजाय टीवी शो को चुनें। अपरा को उस समय ही महसूस हो गया था कि यह शो लंबे समय तक चल सकता है।
‘तारक मेहता’ चुनना साबित हुआ जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला
दिशा वकानी ने अपरा मेहता की सलाह मानी और शो में दयाबेन का किरदार निभाया। इसके बाद उनकी खास आवाज, अलग अंदाज और बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग ने दयाबेन को भारतीय टीवी के सबसे यादगार किरदारों में शामिल कर दिया। ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ भी भारतीय टेलीविजन के सबसे लंबे समय तक चलने वाले और लोकप्रिय शोज में शामिल हो गया।

अपरा मेहता बोलीं—मैं तो दिशा वकानी की फैन हूं
अपरा मेहता ने दिशा वकानी के अभिनय की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि लोग दिशा को ज्यादातर दयाबेन के कॉमिक किरदार में जानते हैं, लेकिन वह एक बेहद प्रतिभाशाली अभिनेत्री हैं। अपरा के मुताबिक, दिशा गंभीर किरदारों को भी उतनी ही सहजता और प्रभावशाली ढंग से निभाती हैं। स्टेज पर उनका अभिनय देखने के बाद अपरा मेहता उनकी फैन बन गई थीं।

2017 में लिया था शो से ब्रेक, आज भी है वापसी का इंतजार
दिशा वकानी ने 2008 में ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में दयाबेन का किरदार निभाना शुरू किया था। साल 2017 में उन्होंने मैटरनिटी ब्रेक लिया और इसके बाद शो में उनकी नियमित वापसी नहीं हो सकी। सालों से उनकी वापसी को लेकर खबरें और अटकलें सामने आती रही हैं, लेकिन दर्शक आज भी अपनी पसंदीदा दयाबेन का इंतजार कर रहे हैं।
पलक गीते
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
