भोपाल से झांसी रवाना हुई चिन्मय अमृत यात्रा, : सीएम मोहन ने दिखाई केसरिया झंडी, महान संत के योगदान को किया याद

भोपाल। भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से निकाली जा रही चिन्मय अमृत यात्रा शुक्रवार को भोपाल पहुंची। इसके बाद बाद मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने केसरिया झंडी दिखाकर यात्रा को अगले पड़ाव के लिए रवना किया। धार्मिक कार्यक्रम सीएम हाउस में आयोजित किया गया। इस दौरान सीएम ने चिन्मय यात्रा के 75 वर्ष पूरे को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी श्री चिन्मयानंदजी महाराज को महान संत, चिंतक और आध्यात्मिक विभूति बताते हुए उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और विशेष रूप से श्रीमद्भगवद्गीता के विचारों को देश-दुनिया तक पहुंचाने में स्वामी चिन्मयानंदजी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय जीवन मूल्यों, संस्कारों और आध्यात्मिक विचारों को समाज तक पहुंचाने का माध्यम है।
‘गीता के संदेश से युवाओं को मिलेगी नई दिशा’
डॉ. यादव ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंदजी ने भारतीय समाज और विशेष रूप से युवाओं के नैतिक विकास पर जोर दिया। उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने में उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि गीता भारतीय संस्कृति की ऐसी अमूल्य धरोहर है, जिसका संदेश जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मार्गदर्शन देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना आज के समय की बड़ी आवश्यकता है। ऐसे अभियानों से युवाओं में भारतीय मूल्यों के प्रति समझ और गौरव की भावना मजबूत होती है।

शिक्षा से समाजसेवा तक मिशन का विस्तार
मुख्यमंत्री ने चिन्मय मिशन के विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मिशन द्वारा देशभर में स्कूल, महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों की स्थापना के साथ समाज में संस्कार और सेवा की भावना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने मिशन के सभी सामाजिक अभियानों के लिए मध्यप्रदेश सरकार की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज को स्वामी चिन्मयानंदजी के बताए सत्मार्ग पर आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए।
छत्तीसगढ़ से शुरू हुआ सफर, अब झांसी की ओर
चिन्मय अमृत यात्रा छत्तीसगढ़ से शुरू होकर मध्यप्रदेश में प्रवेश करने के बाद रीवा, सतना, बैतूल और नर्मदापुरम होते हुए भोपाल पहुंची। मुख्यमंत्री निवास से रवाना होने के बाद यात्रा अब झांसी की ओर बढ़ेगी। इससे पहले यात्रा मध्यप्रदेश के खंडवा और इंदौर शहरों से भी गुजर चुकी है।
कार्यक्रम में चिन्मय मिशन के प्रमुख संरक्षक स्वामी श्री मित्रानंद सरस्वती महाराज सहित मिशन के अनेक अनुयायी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने यात्रा के साथ जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए भारतीय संस्कृति और गीता के संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
