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‘यू आर रॉकिंग’ सुनकर अमिताभ बच्चन बोले : पत्थर तो उठाया नहीं! किलिंग इट’ जैसे शब्दों पर भी ली चुटकी

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 31, 2026
06:59 AM
पत्थर तो उठाया नहीं! किलिंग इट’ जैसे शब्दों पर भी ली चुटकी

मुंबई। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन अपनी अदाकारी के साथ-साथ अपने हाजिरजवाबी अंदाज के लिए भी खूब पसंद किए जाते हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी वह बदलते दौर और नई पीढ़ी की भाषा को समझने की कोशिश करते रहते हैं। हाल ही में लोकप्रिय क्विज कार्यक्रम ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के एक एपिसोड में उन्होंने जेन-जी की बदलती बोलचाल पर मजेदार अंदाज में अपनी उलझन साझा की।

अमिताभ बच्चन ने कहा कि समय के साथ भाषा भी बदलती रहती है और हर पीढ़ी अपने नए शब्द और बोलने का अंदाज लेकर आती है। उन्होंने जेन-जी के कुछ प्रचलित शब्दों का शाब्दिक अर्थ निकालते हुए जमकर मजाक किया।

‘यू आर रॉकिंग’ पर बिग बी का मजेदार जवाब

अमिताभ ने बताया कि जब युवा उनसे कहते हैं, ‘सर, यू आर रॉकिंग’, तो उन्हें समझ नहीं आता कि आखिर इसका मतलब क्या है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्होंने तो अब तक कोई पत्थर तक नहीं उठाया है। इसी तरह ‘किलिंग इट’ जैसे शब्दों पर भी उन्होंने चुटकी ली। बच्चन ने कहा कि जब कोई उनकी तस्वीर देखकर कहता है, ‘सर, यू आर किलिंग इट’, तो उन्हें लगता है कि सामने वाला उनसे मौत की बात क्यों कर रहा है। बिग बी की इस मजेदार बात पर कार्यक्रम का माहौल हंसी से भर गया। उनका यह अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया।

‘बीवी पगलू’ का मतलब जानकर भी नहीं चूके

अमिताभ बच्चन पहले भी जेन-जी की नई शब्दावली को लेकर अपनी जिज्ञासा जाहिर कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने एक नए शब्द ‘बीवी पगलू’ का अर्थ जानने की कोशिश की थी। इसका मतलब समझने के बाद उन्होंने मजाक में कहा कि पत्नी को घर का मुखिया मान लेना ही समझदारी है। उन्होंने हंसते हुए कहा कि पत्नी को बॉस मानकर चलिए, तभी जिंदगी आसानी से चलेगी, वरना नौकरी से निकाले जाने का खतरा बना रहेगा।

इंटरनेट ने बदल दी युवाओं की भाषा

जेन-जी की भाषा इंटरनेट, सामाजिक माध्यमों और लोकप्रिय संस्कृति से तेजी से विकसित हुई है। 1997 से 2012 के बीच जन्मी पीढ़ी के बीच छोटे शब्दों, संकेतों, मीम और नए बोलचाल के मुहावरों का इस्तेमाल आम है। अंग्रेजी और हिंदी के मिले-जुले शब्दों ने इस संवाद शैली को और लोकप्रिय बनाया है। हालांकि नई पीढ़ी के लिए ये शब्द सामान्य हैं, लेकिन अमिताभ बच्चन जैसे वरिष्ठ कलाकारों के लिए इनके बदलते अर्थ कभी-कभी हंसी और हैरानी दोनों का कारण बन जाते हैं।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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