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नहीं रहे संवैधानिक जगत के दिग्गज, : डाॅ. सुभाष सी कश्यप का 97 की उम्र में निधन, कार्डियो-पल्मोनरी अरेस्ट से रुकी सांस

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Jun 04, 2026
09:52 AM
डाॅ. सुभाष सी कश्यप का 97 की उम्र में निधन, कार्डियो-पल्मोनरी अरेस्ट से रुकी सांस

नई दिल्ली। संवैधानिक जगत के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। देश के प्रख्यात संवैधानिक विशेषज्ञ, राजनीतिक विश्लेक और संसदीय मामलों के दिग्गज डाॅ. सुभाष सी कश्यप का गुरुवार को निधन हो गया है। उन्होंने 97 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। दावा किया जा रहा है कि डाॅ. कश्यप का निधन कार्डियो-पल्मोनरी अरेस्ट के कारण हुआ। उनके निधन की खबर से राजनीतिक, कानूनी और शैक्षणिक जगत में गहरा शोक व्याप्त है। डाॅ. सुभाष सी कश्यप का निधन भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक अध्ययन के लिए एक अपूरणीय क्षति के रूप में देखा जा रहा है।

संसदीय प्रक्रियाओं के प्रमुख विशेषज्ञ

डॉ. सुभाष कश्यप भारतीय संसद से लंबे समय तक जुड़े रहे और उन्होंने संसदीय कार्यप्रणाली को समझने और सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 1953 में संसद सचिवालय से अपना करियर शुरू किया था और लगभग 37 वर्षों तक संसद से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वे 1984 से 1990 तक 7वीं, 8वीं और 9वीं लोकसभा के महासचिव भी रहे।

वे भारतीय संविधान, संसदीय परंपराओं और संवैधानिक कानून के सबसे प्रतिष्ठित विशेषज्ञों में गिने जाते थे। उनके विचार और लेखन ने भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योगदान

डॉ. कश्यप ने केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संसदीय अध्ययन और दस्तावेजीकरण के क्षेत्र में कार्य किया। उन्होंने जिनेवा स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर पार्लियामेंट्री डॉक्यूमेंटेशन (आईपीयू) का नेतृत्व भी किया। इसके अलावा वे भारत सरकार के पंचायती राज कानूनों और संस्थाओं के लिए मानद संवैधानिक सलाहकार भी रहे।

वे संविधान की कार्यप्रणाली की समीक्षा हेतु गठित राष्ट्रीय आयोग के सदस्य तथा उसकी ड्राफ्टिंग एवं एडिटोरियल कमेटी के अध्यक्ष भी रहे।

सम्मान और विरासत

सार्वजनिक जीवन में उनके असाधारण योगदान के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2015 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था। वे लंबे समय तक भारतीय राष्ट्रीय बार एसोसिएशन (प्छठ।) के अध्यक्ष भी रहे। डॉ. सुभाष सी. कश्यप का निधन भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक अध्ययन के क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनका जीवन और कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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