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ट्रंप का बड़ा झटका! : भारत समेत 60 देशों पर लटकाई टैरिफ की तलवार, व्यापार जगत में मची हलचल

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Jun 03, 2026
06:13 AM
भारत समेत 60 देशों पर लटकाई टैरिफ की तलवार, व्यापार जगत में मची हलचल

वॉशिंगटन। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन इसी बीच ट्रंप प्रशासन की ओर से एक ऐसा कदम सामने आया है जिससे दोनों देशों के संबंधों में नया तनाव पैदा हो सकता है। अमेरिकी सरकार भारत सहित 60 देशों पर नया अतिरिक्त टैरिफ लगाने की तैयारी कर रही है। इस प्रस्ताव ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में हलचल मचा दी है।

यूएसटीआर ने पेश किया नया प्रस्ताव

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) ने व्यापार कानून 1974 की धारा 301 के तहत एक प्रस्ताव जारी किया है। इसमें कहा गया है कि भारत समेत कई देशों की नीतियां और कार्यप्रणाली अमेरिकी व्यापार के लिए बाधा बन रही हैं। यूएसटीआर का दावा है कि ये देश जबरन श्रम से तैयार किए गए उत्पादों के निर्यात पर प्रभावी रोक लगाने में नाकाम रहे हैं।

भारत समेत कई बड़े देशों का नाम शामिल

यूएसटीआर की सूची में भारत के अलावा चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, सिंगापुर, सऊदी अरब, ब्रिटेन, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे प्रमुख देश भी शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन देशों द्वारा पर्याप्त प्रतिबंध नहीं लगाए जाने से वैश्विक स्तर पर जबरन श्रम को खत्म करने के प्रयास कमजोर पड़ रहे हैं।

10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क का प्रस्ताव

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर ने कहा कि अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों का जबरन श्रम से बने सामानों के निर्यात को रोकने में विफल रहना स्वीकार्य नहीं है। उनके मुताबिक इससे अमेरिकी कामगारों और उद्योगों को असमान प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। इसी कारण इन देशों से आने वाले उत्पादों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर जनता और संबंधित पक्षों से राय मांगी गई है।

व्यापार समझौते के बीच बढ़ी चिंता

यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है जब भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए कई दौर की बातचीत चल रही है। दोनों देश बाजार पहुंच, कृषि, डिजिटल व्यापार और शुल्क जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। ऐसे में नए टैरिफ का प्रस्ताव वार्ता की दिशा और गति को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह शुल्क लागू होता है तो दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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