मप्र में स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल : गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं में HIV मामलों की बढ़ोतरी से हड़कंप, नाथ ने सरकार को घेरा

भोपाल। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं में एचआईवी संक्रमण पाए जाने के बाद सूबे में हड़कंप मच गया है। इतना ही नही, इस मामले को की सियासत भी गरमा गई है। मप्र के पूर्व सीएम और कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ ने सरकार को अपने निशाने पर लेते हुए राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
नाथ ने बुधवार को आरोप लगाया है कि हाल के वर्षों में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक रूप से बिगड़ी सरकार की लापरवाही इसके पीछे एक बड़ा कारण हो सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य में गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच व्यवस्था कमजोर है और कई जगहों पर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। यदि समय रहते जांच और उपचार की व्यवस्था मजबूत होती तो संक्रमित नवजातों की संख्या को काफी हद तक रोका जा सकता था।
एक साल में 743 गर्भवती महिलाएं पाई गई एचआईवी पाॅजिटिव
रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में राज्य में 200 से अधिक एचआईवी पॉजिटिव बच्चों का जन्म हुआ है, जिनकी माताएं भी संक्रमण से प्रभावित रही हैं। इसके अलावा वर्ष 2025-26 में 743 गर्भवती महिलाएं एचआईवी पॉजिटिव पाई गई हैं। आंकड़ों में यह भी दावा किया गया है कि बीते पांच वर्षों में ऐसे मामलों में लगभग 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह स्थिति स्वास्थ्य तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर बहस तेज
इस पूरे मामले ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को लेकर बहस तेज कर दी है। जहां विपक्ष सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहा है, वहीं सरकार अपने सुधारात्मक कदमों को गिना रही है। लेकिन सवाल यही है कि आखिर क्यों संवेदनशील समूहों तक समय पर जांच और उपचार की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पा रही है।
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