Fitkari Benefits : फिटकरी के 9 फायदे: स्किन से लेकर बालों तक में आ सकती है काम, जानें इस्तेमाल का सही तरीका

Fitkari Benefits: फिटकरी का इस्तेमाल आपने कभी न कभी जरूर देखा होगा। भारतीय घरों में लंबे समय से इसका उपयोग पानी साफ करने, शेविंग के बाद त्वचा पर लगाने और पसीने की बदबू कम करने जैसे कामों में किया जाता रहा है। फिटकरी में कसैले (Astringent) गुण होते हैं, जिसके कारण इसका इस्तेमाल कुछ पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स में भी किया जाता है।
हालांकि, फिटकरी को त्वचा और बालों से जुड़ी हर समस्या का इलाज मानना सही नहीं है। मुंहासे, दाग-धब्बे, झुर्रियों और बाल झड़ने जैसी समस्याओं में इसके फायदे को लेकर पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर इससे त्वचा में रूखापन और जलन भी हो सकती है।
1. ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स की समस्या
ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स त्वचा के रोमछिद्रों में तेल और मृत कोशिकाएं जमा होने के कारण बन सकते हैं। फिटकरी के कसैले गुण त्वचा पर अस्थायी कसाव का एहसास दे सकते हैं, लेकिन यह साबित नहीं है कि फिटकरी ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स को प्रभावी ढंग से खत्म करती है।इन समस्याओं के लिए सैलिसिलिक एसिड युक्त स्किन केयर प्रोडक्ट्स अधिक उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। संवेदनशील त्वचा पर किसी भी नए प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
2. चेहरे के दाग-धब्बों के लिए फिटकरी
चेहरे पर दाग-धब्बे मुंहासों, धूप या त्वचा में सूजन के बाद बन सकते हैं। फिटकरी लगाने से इन निशानों के हल्का होने के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। इसके उलट, त्वचा में जलन होने पर कुछ लोगों में पिगमेंटेशन बढ़ भी सकता है।
दाग-धब्बों से बचाव के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल और त्वचा के अनुकूल उत्पादों का चयन ज्यादा महत्वपूर्ण है।
3. क्या फिटकरी बालों का झड़ना रोक सकती है?
बाल झड़ने के पीछे पोषण की कमी, आनुवंशिक कारण, हार्मोनल बदलाव, तनाव और स्कैल्प की समस्याएं हो सकती हैं। फिटकरी का पानी स्कैल्प साफ करने या बालों की जड़ों को मजबूत बनाने में प्रभावी है, इसका पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
अगर लगातार बाल झड़ रहे हैं, तो इसके वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें। फिटकरी को बाल झड़ने का प्रमाणित इलाज न मानें।
किसानों के खाते में कब आएगी 2,000 रुपये की किस्त? जानें तारीख और जरूरी काम
4. फटी एड़ियों की देखभाल
फटी एड़ियां अक्सर त्वचा में रूखेपन, दबाव और नमी की कमी के कारण होती हैं। फिटकरी का पानी फटी एड़ियों को ठीक करने का प्रमाणित उपचार नहीं है।एड़ियों की देखभाल के लिए गाढ़ी मॉइस्चराइजिंग क्रीम या यूरिया युक्त फुट क्रीम उपयोगी हो सकती है। गहरी दरार, खून निकलने या संक्रमण के लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
5. सूजन में राहत के लिए फिटकरी?
पैरों में सूजन कई कारणों से हो सकती है, जिनमें लंबे समय तक खड़े रहना, चोट या कुछ स्वास्थ्य समस्याएं शामिल हैं। फिटकरी लगाने से पैरों की सूजन कम होने का पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।अगर सूजन बार-बार हो रही है या बिना किसी स्पष्ट कारण के बनी हुई है, तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है। अचानक एक पैर में सूजन, दर्द या लालिमा होने पर जल्द चिकित्सा सहायता लें।
6. क्या फिटकरी झुर्रियां कम करती है?
फिटकरी लगाने के बाद त्वचा में कुछ समय के लिए कसाव महसूस हो सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह झुर्रियों को कम करती है या त्वचा में कोलेजन का उत्पादन बढ़ाती है। इन दावों के समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए नियमित मॉइस्चराइजर, धूप से बचाव और रोजाना ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल अधिक भरोसेमंद उपाय हैं।
7. शेविंग के बाद छोटे कट में इस्तेमाल
फिटकरी का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से शेविंग के बाद छोटे कट से होने वाली हल्की ब्लीडिंग कम करने के लिए किया जाता है। इसके कसैले गुण इस काम में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इससे संक्रमण से पूरी सुरक्षा मिलने या घाव जल्दी भरने की गारंटी नहीं होती।छोटे कट पर साफ कपड़े या गॉज से हल्का दबाव डालें। गहरे घाव या लगातार खून बहने की स्थिति में चिकित्सकीय सहायता लें। फिटकरी को गहरे या खुले घावों पर लगाने से बचें।
8. पसीने की बदबू कम करने में मदद
फिटकरी का इस्तेमाल कुछ लोग पारंपरिक डियोड्रेंट के रूप में करते हैं। इसके कसैले गुण त्वचा पर अस्थायी प्रभाव डाल सकते हैं, लेकिन पसीना कम करने की इसकी क्षमता और लंबे समय तक प्रभावी रहने के प्रमाण सीमित हैं।पसीने की बदबू से बचने के लिए नियमित स्नान, साफ कपड़े और जरूरत के अनुसार डियोड्रेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है। फिटकरी को शेविंग के तुरंत बाद या संवेदनशील त्वचा पर लगाने से जलन हो सकती है।
सर्दियों में बनाएं कच्चे सफेद कद्दू का हलवा, जानें आसान विधि
9. एक्ने और पिंपल्स के लिए फिटकरी
मुंहासे त्वचा में तेल, रोमछिद्रों के बंद होने, बैक्टीरिया और सूजन जैसे कई कारकों से जुड़े होते हैं। फिटकरी में कुछ प्रयोगशाला-स्तरीय रोगाणुरोधी गुण पाए जाने की चर्चा होती है, लेकिन इससे मुंहासे ठीक होने का पर्याप्त क्लिनिकल प्रमाण नहीं है।मुंहासों के लिए बेंजोयल पेरॉक्साइड या सैलिसिलिक एसिड जैसे प्रमाणित विकल्प उपयोगी हो सकते हैं। फिटकरी के पानी से बार-बार चेहरा धोने से त्वचा रूखी या संवेदनशील हो सकती है। इसलिए इसे मुंहासों का निश्चित इलाज न मानें।
फिटकरी का इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
फिटकरी को चेहरे पर लगाने से पहले त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें, खासकर यदि आपकी त्वचा संवेदनशील है।
इसे आंखों, होंठों के आसपास, गहरे घावों और अत्यधिक जलन वाली त्वचा पर न लगाएं।
इस्तेमाल के बाद जलन, लालिमा या खुजली हो तो तुरंत उपयोग बंद कर दें।
फिटकरी को खाने या घरेलू उपचार के रूप में निगलने से बचें।
मुंहासे, बाल झड़ने या लगातार सूजन जैसी समस्याओं के लिए उचित चिकित्सा सलाह लें।
घर में लगा है मनी प्लांट, तो इन 5 बातों का रखें खास ध्यान
नीरज द्विवेदी
5 साल से ज्यादा का पत्रकारिता अनुभव। टीवी और प्रिंट मीडिया में कलमकारी की है। पॉलिटिकल और पब्लिक कनेक्ट की खबरों में दिलचल्पी। TV27NEWS DIGITAL में एंकरिंग भी कर रहे हैं।
