Diabetes Alert : दिवाली पर मिठाई खाने का मन है तो घबराएं नहीं! डायबिटीज के मरीज अपनाएं ये 7 टिप्स, स्वाद के साथ कंट्रोल में रहेगा ब्लड शुगर

दीपावली का त्योहार हो और घर में मिठाइयों की खुशबू न हो, ऐसा मुश्किल है। बाजारों से लेकर घरों तक मिठाइयों की भरमार रहती है। लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए त्योहारों का यह मौसम थोड़ी सावधानी बरतने वाला होता है। मीठा खाने की इच्छा तो होती है, लेकिन ब्लड शुगर बढ़ने का डर भी बना रहता है। हालांकि, डायबिटीज होने का मतलब यह नहीं है कि आप त्योहार पर मिठाई का स्वाद नहीं ले सकते। सही मिठाई का चुनाव, सीमित मात्रा और खानपान में संतुलन रखकर दिवाली का आनंद लिया जा सकता है।
बादाम-पिस्ता की मिठाई हो सकती है बेहतर विकल्प
डायबिटीज के मरीज मिठाई चुनते समय बादाम, अखरोट और पिस्ता से बनी मिठाइयों को प्राथमिकता दे सकते हैं। बादाम कतली, पिस्ता रोल और कम चीनी वाली नट्स की मिठाइयां विकल्प हो सकती हैं। इनमें फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं। हालांकि, इनमें भी कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में ही करें।
घर पर बनाएं कम मीठी मिठाइयां
घर पर मिठाई तैयार करने का फायदा यह है कि चीनी, घी और अन्य सामग्री की मात्रा खुद नियंत्रित की जा सकती है। बादाम की मिठाई, नारियल के लड्डू और कम मीठा सूजी का हलवा बनाया जा सकता है। चीनी के विकल्प के रूप में स्टीविया का इस्तेमाल डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह से किया जा सकता है।
खाली पेट बिल्कुल न खाएं मिठाई
डायबिटीज के मरीजों को खाली पेट मिठाई खाने से बचना चाहिए। संतुलित भोजन के साथ मिठाई का छोटा हिस्सा लेना बेहतर हो सकता है। खाने में दाल, हरी सब्जियां, सलाद और प्रोटीन युक्त चीजें शामिल करें। इससे भोजन का पोषण संतुलन बना रहता है।
शुगर फ्री मिठाई देखकर न हों भ्रमित
बाजार में मिलने वाली शुगर फ्री मिठाइयां हमेशा ब्लड शुगर के लिए सुरक्षित हों, यह जरूरी नहीं है। इनमें चीनी की जगह दूसरे स्वीटनर हो सकते हैं, लेकिन मैदा, खोया, सूजी और दूध से मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट मौजूद रहते हैं। इसलिए खरीदने से पहले पैकेट पर पोषण संबंधी जानकारी जरूर पढ़ें।
त्योहार में इन 7 बातों का रखें ध्यान
एक बार में मिठाई का छोटा हिस्सा ही खाएं।
बार-बार मीठा खाने से बचें।
भोजन में सलाद और हरी सब्जियां शामिल करें।
शुगर फ्री मिठाई को पूरी तरह सुरक्षित न समझें।
डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयां और इंसुलिन लेते रहें।
नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करें।
भोजन के बाद 10 से 15 मिनट हल्की सैर करें।
दवाइयों और दिनचर्या में न करें लापरवाही
त्योहार की व्यस्तता में कई बार लोग समय पर खाना और दवाइयां लेना भूल जाते हैं। डायबिटीज के मरीजों को ऐसा नहीं करना चाहिए। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा और इंसुलिन की खुराक में खुद से बदलाव न करें। अपनी नियमित दिनचर्या बनाए रखें और जरूरत के अनुसार ब्लड शुगर की जांच करते रहें।
याद रखें: डायबिटीज में त्योहार का आनंद लेने के लिए मिठाई पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है, बल्कि मात्रा, पोषण और ब्लड शुगर पर ध्यान देना सबसे महत्वपूर्ण है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
