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उज्जायी प्राणायाम : योग की वह तकनीक, जो अंदर से करती है उपचार

admin

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Apr 23, 2026
07:29 AM
योग की वह तकनीक, जो अंदर से करती है उपचार

नई दिल्ली । शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए सही खानपान के साथ ही योग को भी दिनचर्या का हिस्सा बनाना बहुत जरूरी है। सिर्फ कुछ मिनट रोज योग अभ्यास करके आप अपने जीवन में एक शांत, स्वस्थ और संतुलित बदलाव महसूस कर सकते हैं।

योग में एक बहुत ही प्रभावशाली श्वास तकनीक है जिसे उज्जायी प्राणायाम कहा जाता है। यह शरीर और मन दोनों पर नियंत्रण और संतुलन लाने में मदद करती है। उज्जायी प्राणायाम में सांस को धीरे-धीरे, गहराई से और थोड़ी आवाज के साथ लिया और छोड़ा जाता है। इसमें गले के पिछले हिस्से को हल्का सा सिकोड़कर सांस ली जाती है। शुरुआत में यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन अभ्यास के साथ यह बहुत सहज हो जाता है।

यह हमारे पाचन तंत्र को मजबूत करता है। जब हम गहरी और नियंत्रित सांस लेते हैं, तो पेट के अंदर ऑक्सीजन की आपूर्ति बेहतर होती है। इससे गैस, अपच और भारीपन जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। गले और थायरॉयड स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। उज्जायी प्राणायाम गले के हिस्से में हल्का दबाव बनाता है, जिससे थायरॉयड ग्रंथि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जो लोग थायरॉयड की समस्या से परेशान हैं, उनके लिए यह बहुत उपयोगी माना जाता है।

इसके अलावा यह प्राणायाम दिल और फेफड़ों के लिए भी बहुत फायदेमंद है। जब हम धीमी और गहरी सांस लेते हैं, तो फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और हृदय को भी बेहतर ऑक्सीजन मिलती है। इससे ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और शरीर ज्यादा ऊर्जावान महसूस करता है।

उज्जायी प्राणायाम का एक बहुत बड़ा फायदा यह भी है कि यह तनाव और चिंता को कम करता है। इसकी लयबद्ध सांसें दिमाग को शांत करती हैं और नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करती हैं। यह मन को एकाग्र करने में मदद करता है। ध्यान रखें, इसे जबरदस्ती नहीं करना चाहिए। सांस स्वाभाविक और आरामदायक होनी चाहिए। अगर चक्कर या असहजता महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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